business-finance

आज मार्केट खुलते ही लुढ़क गए सोने-चांदी के दाम, ₹1.42 लाख पर आया गोल्ड

July 31, 2026

एमसीएक्स पर आज मार्केट खुलते ही सोने और चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट मुनाफावसूली के कारण आई, जबकि डॉलर में मजबूती और अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव ने भी बाजार को प्रभावित किया। हालांकि, अमेरिका से जारी मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से कम रहे, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम हुई है।

आज सुबह के कारोबार में क्या रहे भाव

एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत सुबह 9:10 बजे करीब 0.50% गिरकर ₹1,42,547 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। वहीं, सिल्वर फ्यूचर्स 0.40% की गिरावट के साथ ₹2,19,117 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

इससे पिछले सत्र में गोल्ड फ्यूचर्स में 1% की तेजी आई थी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में 1% से अधिक का उछाल देखने को मिला था। इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला था।

सोने-चांदी के लिए अहम स्तर

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए अगला प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर ₹1,46,000 के पास है, जो 200-दिवसीय EMA के साथ मेल खाता है। जब तक सोना ₹1,40,000 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जानी चाहिए। ₹1,46,000 के ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट रिकवरी को और मजबूत कर सकता है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सत्र में एमसीएक्स पर गोल्ड को ₹1,42,400 और ₹1,41,750 पर सपोर्ट तथा ₹1,44,000 और ₹1,45,100 पर रेजिस्टेंस मिल रहा है। सिल्वर को ₹2,17,700 और ₹2,16,000 पर समर्थन तथा ₹2,22,200 और ₹2,24,500 पर रेजिस्टेंस है।

सोने-चांदी के भाव में आज गिरावट के क्या हैं कारण

अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर असर: शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने भी बाजार में अस्थिरता पैदा की है।

तेल की कीमतें: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का सबसे सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड में थोड़ी नरमी के बावजूद शुक्रवार सुबह इसका भाव करीब $88 प्रति बैरल पर बना हुआ है। तेल की बढ़ती कीमतें दुनिया भर में महंगाई को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारक हैं।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड: डॉलर इंडेक्स में करीब 0.40% की मजबूती देखने को मिली है। डॉलर के मजबूत होने से सोना उन खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है जो विदेशी मुद्राओं का उपयोग करते हैं। इससे सोने की मांग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड पिछले सत्र के 4.71% से घटकर 4.65% पर आ गई है। हालांकि, इस महीने बॉन्ड यील्ड में 5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को दर्शाती है।

फेडरल रिजर्व का हालिया फैसला: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन समिति के तीन सदस्यों ने 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में वोट दिया। इससे साफ है कि फेड के अधिकारी महंगाई को लेकर चिंतित हैं, जो पिछले पांच सालों से 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)