Published: Saturday, October 17, 2026, 10:22 [IST]
Zubeen Garg Death Case: असम के मशहूर गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमयी मौत से जुड़े मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने इस मामले में आरोपी और असम पुलिस के निलंबित डीएसपी संदीपन गर्ग को जमानत दे दी है। संदीपन दिवंगत सिंगर के रिश्तेदार भी हैं। उनके वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता अनन कुमार भुइयां ने जमानत मिलने की पुष्टि की है।
निलंबित डीएसपी संदीपन गर्ग को मिली जमानत
जस्टिस राजेश मजूमदार की एकल पीठ ने संदीपन गर्ग की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है। फिलहाल अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है। संदीपन गर्ग के वकील अनन कुमार भुइयां के मुताबिक आदेश की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अदालत ने किन आधारों पर उन्हें राहत दी है।
गैर इरादतन हत्या के आरोप में घिरे हैं संदीपन गर्ग
-जुबिन गर्ग की मौत की जांच के दौरान संदीपन गर्ग का नाम भी सामने आया था। असम पुलिस के निलंबित अधिकारी पर इस मामले में गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। अब हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले में उनकी कानूनी स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
-हालांकि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। संदीपन गर्ग के वकील ने ये भी बताया कि हाई कोर्ट में एक दूसरी याचिका पर अलग से सुनवाई हो रही है। इस याचिका में उनके खिलाफ दाखिल आरोपपत्र को रद्द करने की मांग की गई है।
-वकील के अनुसारसंदीपन गर्ग की रिहाई में कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। अदालत आज से बंद रहने वाली है इसलिए उन्हें दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद रिहा किए जाने की संभावना जताई गई है।
अमृत प्रभा महंत को भी मिल चुकी है जमानत
-इस मामले में इससे पहले भी एक आरोपी को अदालत से राहत मिल चुकी है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को जुबिन गर्ग की सह-गायिका रहीं अमृत प्रभा महंत की जमानत याचिका मंजूर की थी। उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतदारियां देने की शर्त पर जमानत दी गई थी। इसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।
-अमृत प्रभा महंत इस मामले में जमानत पाने वाली पहली आरोपी बनी थीं। गिरफ्तारी से पहले असम पुलिस की विशेष टीम ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की थी। साल 2025 में गिरफ्तार किए जाने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें राहत मिली।
दो निजी सुरक्षा अधिकारी अब भी जेल में
जुबिन गर्ग के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य को भी इससे पहले अदालत से जमानत मिल चुकी है लेकिन वह राहत एक अलग मामले में दी गई थी। 23 सितंबर 2026 को एक विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोनों को जमानत दी थी। हालांकि सिंगर की मौत से जुड़े मामले में दोनों अब भी जेल में बंद हैं। इस तरह एक मामले में जमानत मिलने के बावजूद उन्हें दूसरे मामले में राहत नहीं मिल सकी है।
जुबिन गर्ग की मौत के मामले में कई गिरफ्तारियां
-जुबिन गर्ग की मौत की जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, सिंगर के मैनेजर सिद्धार्थ सरमा, बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी, सह-गायिका अमृत प्रभा महंत, संदीपन गर्ग और उनके दोनों निजी सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।
-आरोपों की बात करें तो श्यामकानु महंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आठ धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं सिद्धार्थ सरमा के खिलाफ सात और शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत के खिलाफ छह-छह आरोप हैं। दोनों निजी सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ दो-दो आरोप लगाए गए हैं जबकि संदीपन गर्ग के खिलाफ एक आरोप दर्ज है।
-आरोपियों के खिलाफ हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत जैसे मामलों से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। राज्यभर में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज होने के बाद असम पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की विशेष जांच टीम ने इस मामले की जांच की।
सिंगापुर में समुद्र में डूबने से हुई थी सिंगर की मौत
-जुबिन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया था। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे संस्करण में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान लाजरस द्वीप के पास समुद्र में तैरते समय उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। सिंगर की मौत के बाद इस घटना को लेकर कई सवाल उठे और असम में व्यापक स्तर पर जांच की मांग की गई। मामले ने उनके फैंस के साथ-साथ पूरे संगीत जगत को झकझोर दिया था।
-दूसरी ओर सिंगापुर पुलिस ने अपनी जांच में मौत के पीछे किसी साजिश का सबूत नहीं मिलने की बात कही। सिंगापुर की कोरोनर अदालत ने भी साजिश की आशंका को खारिज किया था। अदालत के निष्कर्ष के मुताबिक जुबिन गर्ग अत्यधिक नशे की हालत में थे और जीवनरक्षक जैकेट पहनने से इनकार करने के बाद समुद्र में डूब गए थे। हालांकि असम के अधिकारियों का कहना रहा है कि सिंगापुर में हुई जांच के निष्कर्षों का राज्य में चल रही आपराधिक जांच पर असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
संदीपन गर्ग को जमानत मिलने के बाद अब सभी की नजर हाई कोर्ट के विस्तृत आदेश और मामले की आगे की सुनवाई पर है। वहीं उनके खिलाफ आरोपपत्र रद्द करने की याचिका पर होने वाली कार्यवाही भी अहम होगी। जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है, ऐसे में आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी अहम घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।