Jaipur Police: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जिले में बीते दिनों हुई दो सनसनीखेज हत्याओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. DCP पश्चिम प्रशांत किरण ने प्रेस वार्ता में बताया कि एक मामले में शराब पार्टी के खर्च को लेकर हुए विवाद में दोस्त की हत्या कर दी गई, जबकि दूसरे मामले में भेड़-बकरियों की रखवाली के झगड़े में सिर कुचलकर वारदात को अंजाम दिया गया.
पहला मामला बिंदायका थाना क्षेत्र का है. 25 जुलाई को सिवार मोड़ स्थित ‘श्री होटल’ के कमरे में दिनेश उर्फ दंती गवारिया का शव मिला. वो अपने दोस्तों संजय कुमार कासोटिया और नितेश गवारिया के साथ रुका था. शराब के खर्च पर हुए विवाद में दोनों ने स्टॉल (दुपट्टे) से दिनेश का गला घोंट दिया. वारदात के बाद मोबाइल फ्लाइट मोड पर डालकर और मृतक की सिम तोड़कर दोनों दौसा भाग गए. फरारी के दौरान उन्होंने YouTube पर “हत्या के बाद पुलिस से कैसे बचें”, “पुलिस कैसे पकड़ती है” और “हत्या पर कितनी सजा होती है” जैसे वीडियो सर्च किए.
खाटूश्यामजी में मांगी माफी, गुजरात भागने से पहले अरेस्ट
आरोपी खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर पाप की माफी मांगने गए और वहां से गुजरात भागने की फिराक में थे. पुलिस ने 300 से ज्यादा सीसीटीवी (CCTV) खंगालकर गोविंद देवजी मंदिर के पास से दोनों नशेड़ी आरोपियों को दबोच लिया.
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केस 2: भेड़ों की रखवाली के विवाद में पत्थर और लाठी से हत्या
दूसरा मामला भांकरोटा थाना क्षेत्र का है. 26 जुलाई को जयसिंहपुरा स्थित बीड़ की ढाणी में कालूराम बागरिया का शव बरामद हुआ था. वो अपने परिचित हरदेव बागरिया के साथ मिलकर भेड़-बकरियां चराता और रात में रखवाली करता था. घटना की रात बारी-बारी से पहरा देने को लेकर दोनों में बहस हो गई. पुरानी रंजिश के चलते हरदेव ने गुस्से में आकर पत्थर और लाठी से कालूराम के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी. भांकरोटा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हरदेव बागरिया को गिरफ्तार कर आला-कत्ल (खून से सना पत्थर और लाठी) बरामद कर लिया है.

ध्वज आर्य
राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.
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