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Yatri Parivahan Vision Summit 2026: बसों से लेकर AI तक, CM मोहन यादव का नया ट्रांसपोर्ट मिशन शुरू

July 31, 2026

इंदौर में 11-12 सितंबर को होने वाली यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में MP Mobility Vision 2030, AI, PPP और हरित परिवहन पर मंथन होगा।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' आयोजित होगी। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में यात्री परिवहन के भविष्य की रूपरेखा तैयार करना और नई तकनीकों के जरिए बेहतर परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

MP Mobility Vision 2030 पर सीएम मोहन यादव का फोकस

समिट का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस दौरान वे मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के जरिए यात्री परिवहन को मजबूत बनाने की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। इसके अलावा शिखर सम्मेलन की स्मारिका और ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी किया जाएगा।

सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल बदलाव और नई तकनीकों पर मंथन

यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में देशभर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शहरी परिवहन विशेषज्ञ, परिवहन प्राधिकरण, तकनीकी कंपनियां, वाहन निर्माता (OEM), वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच पर सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। समिट में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, AI आधारित फ्लीट मैनेजमेंट, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और PPP मॉडल के जरिए नवाचार जैसे विषय केंद्र में रहेंगे।

रणनीतिक साझेदारियों से बदलेगी परिवहन व्यवस्था की तस्वीर

आयोजकों का मानना है कि यह सम्मेलन केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में व्यावहारिक बदलावों की दिशा भी तय करेगा। नवाचार, डिजिटल तकनीक और रणनीतिक साझेदारियों के जरिए यात्री परिवहन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। भारत के प्रमुख राष्ट्रीय मंचों में शामिल यह समिट सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा का अवसर प्रदान करेगी।

दो दिन तक क्या-क्या होगा खास?

समिट के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चा, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग कार्यक्रम और ज्ञान-साझाकरण से जुड़े सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन चर्चाओं का मुख्य फोकस परिवहन नीति, निवेश, तकनीकी नवाचार और भविष्य की जरूरतों पर रहेगा।

दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से परिचित कराने हेतु विशेष भ्रमण कार्यक्रम रखा गया है। इस दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन भी शामिल होंगे। इसके जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

इन अहम विषयों पर होगी विस्तृत चर्चा

  • एमपी मोबिलिटी विजन 2030 और बस संचालन में PPP मॉडल की भूमिका
  • इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का विस्तार
  • भविष्य के लिए तैयार परिवहन अधोसंरचना और निवेश के अवसर
  • AI आधारित डेटा एनालिटिक्स के जरिए बस मार्ग और संचालन की योजना
  • आर्थिक रूप से टिकाऊ सार्वजनिक बस सेवाओं के लिए रणनीतियां
  • यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उपाय
  • हरित मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन और आधुनिक वाहनों का उपयोग
  • एकीकृत टिकटिंग और स्वचालित किराया संग्रहण प्रणाली
  • रोजगार और उद्यमिता बढ़ाने में केंद्र सरकार की योजनाओं की भूमिका

समिट से क्या निकल सकते हैं बड़े नतीजे?

विशेषज्ञों के अनुसार इस सम्मेलन से कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार होने की संभावना है। इसके अलावा PPP आधारित परियोजनाओं को गति मिल सकती है और डिजिटल मोबिलिटी गवर्नेंस को बढ़ावा मिल सकता है।

हरित परिवहन समाधानों में निवेश बढ़ने, गैर-किराया राजस्व के नए मॉडल विकसित होने और परिवहन क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता मजबूत होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। वहीं सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और तकनीकी साझेदारों के बीच बेहतर समन्वय से रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।