होर्मुज जलडमरूमध्य से बनाए जाने वाले किसी भी अस्थायी जहाज मार्ग के लिए किसी सरकारी दस्तावेज (परमिट), मंजूरी या शुल्क की जरूरत नहीं होगी। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर किसी एक पक्ष का नियंत्रण नहीं है। अल जजीरा की रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह बात कही गई है।
अधिकारी ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी अस्थायी मार्ग में कोई बाधा, परमिट, मंजूरी या शुल्क नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी पक्ष समुद्री मार्गों को नियंत्रित नहीं करता है और न ही किसी जहाज को इस जलडमरूमध्य से गुजरने से रोक सकता है।
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अमेरिकी वित्त मंत्री ने क्या कहा?
- अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को ईरान के साथ बातचीत में बड़ी प्रगति के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खोलने को लेकर समझौता 'आज या कल' हो सकता है।
- बेसेंट ने कहा कि यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पिछले हफ्ते ईरान को दी गई धमकियों के बाद आया है।
- उन्होंने ट्रंप की उस कार्रवाई को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े संभावित सैन्य अभियानों में से एक बताया।
- बेसेंट ने कहा, हमने पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक की धमकी देते देखा। इसी वजह से हम ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आज या कल होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और इस संघर्ष में हालात को सामान्य करने की दिशा में समझौता हो सकता है।
- बेसेंट ने कहा कि ईरान की वायुसेना और नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं और उसकी मिसाइलों के बड़े हिस्से को भी नष्ट कर दिया गया है।
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यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े बयान को खारिज किया है।
होर्मुज को लेकर ईरान ने क्या कहा?
इससे पहले सोमवार (स्थानीय समय) को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा था कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी ऐसे मार्ग को मंजूरी नहीं देगा, जिसे तेहरान ने तय नहीं किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, रेजाई ने यह बयान दिया था।
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ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रेजाई ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े पहले एक समझौते का अमेरिका ने उल्लंघन किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तय विवाद समाधान प्रक्रिया का पालन किए बिना हमले शुरू कर दिए।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान ने इसका सैन्य जवाब दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई अमेरिकी युद्धपोत उस मार्ग से होकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश करता है, जिसे ईरान ने मंजूरी नहीं दी है, तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
ट्रंप ने क्या कहा था?
यह बयानबाजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को 'पूरी तरह' फिर से खोलने के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया था कि बातचीत के पहले चरण में इस अहम समुद्री मार्ग से जहाजों की बिना किसी रोक-टोक आवाजाही दोबारा शुरू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने भरोसा जताया था कि बातचीत में मंगलवार (स्थानीय समय) तक प्रगति हो सकती है। ट्रंप ने कहा था कि बातचीत के दूसरे चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी। उन्होंने दोहराया कि तेहरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता।
ट्रंप ने मौजूदा कूटनीतिक बातचीत को ईरान के लिए 'आखिरी मौका' भी बताया था। उन्होंने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और ईरान के अनुरोध पर अमेरिका ने पहले से तय सैन्य हमले को रोक दिया था, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।
ईरानी विदेश मंत्रालय सीधी बातचीत के दावे को किया खारिज
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी द्विपक्षीय बातचीत में शामिल नहीं है।
ट्रप की 'आखिरी मौके' वाली धमकी के जवाब में सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा था कि तेहरान क्षेत्रीय संघर्ष को बढ़ाने में रुचि नहीं रखता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान अपनी संप्रभुता यानी अपने अधिकार और स्वतंत्रता की रक्षा किसी भी कीमत पर करेगा।
कतर के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात के बीच मंगलवार को कतर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को खत्म करने की कोशिशें 'बहुत आगे के चरण' में पहुंच गई हैं। कतर ने कहा कि संभावित समझौते के मसौदे पर चर्चा चल रही है और उन्हें एक-दूसरे को भेजा जा रहा है।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया। ईरान और अमेरिका के अधिकारियों की ओर से बातचीत को लेकर दिए जा रहे अलग-अलग बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अल-अंसारी ने कहा, हम पुष्टि कर सकते हैं कि सभी पक्षों के साथ कोशिशें अभी भी जारी हैं। हम इस समय भी कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सीएनएन के अनुसार, उन्होंने कहा कि संकट को हल करने के लिए जमीन पर चल रहे प्रयास 'बहुत आगे के चरण' में पहुंच चुके हैं।
अंसारी ने तनाव कम करने और बातचीत जारी रखने की कतर की अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि दोहा ओमान की मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि आने वाले कुछ घंटों या दिनों में कोई समझौता हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन मध्यस्थ देश एक-दूसरे से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत फरवरी में होने के बाद से ही समझौते के मसौदे एक-दूसरे के बीच भेजे जा रहे हैं।