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Voter List Revision : उत्तराखंड में वोटर लिस्ट संशोधन पर विवाद, कांग्रेस ने अदालत जाने की दी चेतावनी - Doon Horizon

August 20, 2026

उत्तराखंड के पिरान कलियर से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज होने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

दून हॉराइज़न, देहरादून (20 अगस्त 2026): उत्तराखंड में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान हरिद्वार जिले के पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस घटनाक्रम के सामने आते ही सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले को सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है।

देहरादून स्थित कांग्रेस भवन पहुंचे विधायक फुरकान अहमद ने बताया कि वह पिरान कलियर विधानसभा के वार्ड संख्या 126 के पंजीकृत मतदाता हैं। उनके नाम को सूची से विलोपित करने के लिए मोहम्मद फुरकान नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से फॉर्म-07 भरकर आपत्ति दाखिल की गई।

विधायक ने जब संबंधित व्यक्ति से सीधे बात की, तो उसने किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने की बात से साफ इनकार कर दिया। अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए उस व्यक्ति ने एक शपथ पत्र तैयार करवाया और उसे जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।

फुरकान अहमद ने दावा किया कि अकेले उनकी पिरान कलियर विधानसभा सीट पर 1700 से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के दबाव में इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।

गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि यदि निर्वाचन प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने इन फर्जी आपत्तियों पर त्वरित और ठोस संज्ञान नहीं लिया, तो पार्टी सीधे अदालत का रुख करेगी। जब एक मौजूदा विधायक का नाम हटाने का प्रयास हो सकता है, तो सामान्य नागरिकों के अधिकारों की स्थिति गंभीर हो जाती है।

गोदियाल ने यह भी आरोप लगाया कि एक-एक व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग करके 50-50 से ज्यादा फर्जी आपत्तियां निर्वाचन कार्यालयों में दाखिल की गई हैं। पार्टी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।