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Volkswagen Beetle से लेकर Porsche तक: एक कॉलेज ड्रॉपआउट ने दिया था हाइब्रिड और EV का विचार - ferdinand porsche the visionary behind electric hybrid cars

September 3, 2026

Hybrid Cars: महान इंजीनियर फर्डिनेंड पोर्शे ने ऑटोमोबाइल दुनिया को पहली इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार का विचार दिया था।

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। आज जब हम Porsche का नाम सुनते हैं तो दिमाग में तेज रफ्तार वाली स्पोर्ट्स कारों की तस्वीर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऑटोमोबाइल की दुनिया में इस ब्रांड की शुरुआत इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों के विचार से हुई थी? 3 सितंबर 1875 को जन्मे महाने ऑटोमोबाइल इंजीनियर फर्डिनेंड पोर्शे ने ही दुनिया को पहली बार हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों का विचार दिया था।

शिक्षा और योगदान

पोर्शे ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी नहीं की थी। बचपन से ही उनकी रुचि बिजली और मशीनों में बहुत ज्यादा थी। इसके बाद, महज 18 की उम्र में वे वियना गए और वहां तकनीकी शिक्षा हासिल की और वियना में ही एक बिजली कंपनी में काम भी किया। पोर्श ने इलेक्ट्रिक कारों, हाइब्रिड गाड़ियों और चारों पहियों को पावर देने वाली तकनीक पर काम किया।

सल 1900 में उनकी लोहनर-पोर्शे कार सामने आई जिसमें पहियों के पास ही इलेक्ट्रिक मोटर लगी हुई थी। इसके अलावा उन्होंने सेंपर विवस नाम की एक हाइब्रिड कार भी तैयार की थी।

बिजली ने खींचा ध्यान

फर्डिनेंड पोर्शे के परिवार का पेशा मशीन और मेटल से जुड़ा हुआ था लेकिन उनकी खुद की दिलचस्पी बिजली के कामों में ज्यादा थी। लगभग 13 साल की उम्र में उन्होंने अपने घर पर बिजली की घंटियां फिट फिट करने का परीक्षण किया था। इसके बाद, 18 साल के होने पर वह तकनीकी पढ़ाई और काम के सिलसिले में वियना चले गए।

साल 1893 में उन्होंने बेला एगर एंड कंपनी नाम की बिजली कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। इसी जगह पर उन्होंने इलेक्ट्रिक मोटरों और बिजली की तकनीक पर प्रैक्टिकल काम सीखा।

पहली इलेक्ट्रिक गाड़ी का निर्माण

जब कारों की शुरुआत का दौर चल रहा था तब पोर्श ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर रिसर्च करना शुरू कर दिया था। साल 1898 में उन्होंने एगर-लोहनर सी.2 फेटन नाम की पहली इलेक्ट्रिक कार तैयार की। इसके बाद वे ऑस्ट्रिया की लोहनर कंपनी के साथ जुड़े और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बेहतर बनाने में जुट गए।

उनकी गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत थी कि वे इलेक्ट्रिक मोटर को सीधे पहियों के पीस फिट करती थीं और उस समय यह तकनीक बिल्कुल ही नई मानी जाती थी।

हाइब्रिड कारों की शुरुआत

पोर्शे ने 1900 के दशक की शुरुआत में ही हाइब्रिड गाड़ियों पर काम करना चालू कर दिया था। उन्होंने सेंपर विवस नाम की हाइब्रिड कार बनाई जिसमें पेट्रोल इंजन एक जनरेटर को चलाता था और इलेक्ट्रिक मोटर से पहियों को पावर मिलती थी। इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर काम करने के बाद, पोर्शे ने हाई-स्पीड और रेसिंग कारों को डिजाइन करने पर फोकस किया। उन्होंने, ऑस्ट्रो-डेलमर कंपनी में नौकरी करते हुए कई रेसिंग कारें तैयार कीं।

Volkswagen बीटल की शुरुआत

1930 के दशक में जर्मनी में आम जनता के लिए एक सस्ती और बड़े पैमाने पर तैयार होने वाली कार बनाने की योजना बनाई गई। इस प्रोजेक्ट का डिजाइन और इंजीनियरिंग तैयार करने की जिम्मेदारी फर्डिनेंड पोर्शे को सौंप दी गई। इसी से Volkswagen टाइप-1 का निर्माण हुआ जिसे बाद में बीटल के नाम से जाना गया।

पोर्शे की पहली स्पोर्ट्स कार

जिस पोर्शे को स्पोर्ट्स कारों के लिए जाना जाता है उस नाम की पहली कार खुद फर्डिनेंड पोर्शे ने नहीं बनाई थी। बल्कि, 1948 में उनके बेटे फेरी पोर्श और उनकी टीम ने मिलकर पोर्शे 356 को बनाया था। यह गाड़ी आगे चलकर पोर्शे को एक मशहूर कार ब्रांड के तौर पर खड़ा करने की तरफ सबसे बड़ा कदम साबित हुआ।