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Vidisha News: नगर पालिका में 41 पुराने वाहन बेचने पर विवाद, 21 लाख की बिक्री प्रक्रिया पर उठे सवाल - Haribhoomi

September 22, 2026

विदिशा नगर पालिका के 41 पुराने वाहनों की करीब 21 लाख रुपये में बिक्री को लेकर विवाद हो गया है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बिक्री से पहले सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। विरोध के दौरान नगर पालिका में हंगामा हुआ। अब प्रशासन के जवाब का इंतजार है।

Vidisha News

41 पुराने वाहन बेचने पर विवाद

  • Published: 22 Sep 2026, 09:27 AM IST
  • Last Updated: 22 Sep 2026, 09:27 AM IST

विदिशा: नगर पालिका के 41 पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 21 लाख रुपये कीमत के इन वाहनों की बिक्री प्रक्रिया पर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वाहनों को बेचने से पहले सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने नगर पालिका पहुंचकर विरोध जताया, जिसके बाद हंगामे की स्थिति बन गई।

41 वाहनों की बिक्री को लेकर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि नगर पालिका के पुराने और अनुपयोगी वाहनों को बिक्री के लिए रखा गया था। इन 41 वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है। बिक्री की प्रक्रिया को लेकर अब नगर पालिका में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।

नेता प्रतिपक्ष

नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर पुराने सरकारी वाहनों की बिक्री से पहले इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि नगर पालिका की ओर से सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। इसी को लेकर उन्होंने बिक्री प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।

विरोध के दौरान हुआ हंगामा
मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने वाहनों की बिक्री और अपनाई गई प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराया। विरोध के दौरान मामला गरमा गया और नगर पालिका परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।

मामले के सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि 41 पुराने वाहनों की बिक्री आखिर किस नियम और प्रक्रिया के तहत की गई? क्या इन वाहनों को बेचने से पहले सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी? अगर विज्ञप्ति जारी नहीं हुई तो इसके पीछे क्या कारण था?

प्रशासन के जवाब से साफ होगी तस्वीर
पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़े इस विवाद में अब नगर पालिका प्रशासन के आधिकारिक जवाब का इंतजार है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि वाहनों की बिक्री के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई और क्या नियमानुसार सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी।

नगर पालिका अधिकारी

फिलहाल नेता प्रतिपक्ष के आरोपों के आधार पर मामला चर्चा में है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 41 वाहनों की बिक्री में निर्धारित नियमों और पारदर्शिता से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।