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Vata Dosha Remedies : फटे होंठ सिर्फ रूखेपन की निशानी नहीं, पेट की इस समस्या से भी हो सकता है कनेक्शन

August 12, 2026

बार-बार लिप बाम लगाने के बाद भी अगर आपके होंठ सूख या फट रहे हैं, तो इसकी वजह सिर्फ बाहरी मौसम नहीं हो सकती। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, होंठों का लगातार फटना पेट की खराबी और शरीर के अंदरूनी असंतुलन का संकेत है।

Vata Dosha Remedies : अक्सर मौसम बदलते ही या ठंड के दिनों में होंठों के फटने की समस्या बढ़ जाती है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ ठंडी हवा का असर मानकर लिप बाम लगा लेते हैं।

अगर पानी कम पीने या मॉइस्चराइज़र लगाने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो समझ जाएं कि मामला सिर्फ बाहरी रूखेपन का नहीं है।

आयुर्वेद के अनुसार होंठ हमारे शरीर का ‘मॉइस्चर अलार्म’ होते हैं। जब शरीर के अंदरूनी हिस्सों में नमी और चिकनाई की कमी होने लगती है, तो उसका पहला असर होंठों पर ही दिखाई देता है।

पाचन और आंतों से जुड़ा है होंठों का कनेक्शन

आयुर्वेद में होंठों का सीधा संबंध हमारी आंतों (कोलन) से माना गया है। अगर आपको गैस, कब्ज या पाचन से जुड़ी कोई परेशानी है, तो होंठों पर दरारें पड़ना स्वाभाविक है।

जब पाचन तंत्र कमजोर होता है, तो शरीर भोजन से नमी और जरूरी पोषण को सही तरीके से सोख नहीं पाता। यही वजह है कि बहुत सारा पानी पीने के बाद भी होंठ सूखे के सूखे ही रहते हैं।

वात दोष बढ़ने से बढ़ती है ड्राईनेस

ठंडे मौसम में शरीर में ‘वात दोष’ प्राकृतिक रूप से बढ़ जाता है। इसके अलावा देर से खाना खाने की आदत, जरूरत से ज्यादा चाय या कॉफी का सेवन और अधिक मसालेदार भोजन भी वात को बढ़ाने का काम करते हैं।

वात बढ़ने से शरीर में प्राकृतिक नमी कम होने लगती है और होंठ बार-बार फटने लगते हैं।

राहत पाने के आसान और व्यावहारिक उपाय

होंठों को हमेशा के लिए सॉफ्ट रखने के लिए सिर्फ बाहर से क्रीम लगाना काफी नहीं है। इसके लिए अंदरूनी सुधार करना जरूरी है:

गुनगुना पानी पिएं: दिन भर में हल्का गुनगुना पानी पीने से पाचन सुधरता है और शरीर अंदर से बेहतर तरीके से हाइड्रेट होता है।

डाइट में देसी घी शामिल करें: रोजाना थोड़ा सा देसी घी खाने से शरीर को अंदरूनी चिकनाई मिलती है, जो रूखापन दूर करती है।

समय पर करें डिनर: रात का खाना जल्दी खाने की आदत डालें। देर रात भारी भोजन करने से पाचन बिगड़ता है और वात दोष बढ़ता है।

खान-पान में सावधानी: बहुत ज्यादा चाय, कॉफी, मिर्च-मसाले और अत्यधिक नमक वाले खाने से परहेज करें। हल्का और सुपाच्य भोजन लें।

होंठों की दरारों को भरने के लिए लिप बाम सिर्फ एक अस्थायी सहारा देता है। असल सुधार सही खान-पान और संतुलित पाचन से ही संभव है। अगर समस्या बहुत अधिक समय से बनी हुई है, तो किसी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।