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Uttarakhand Assembly Session: विपक्ष की सोच पॉजिटिव होनी चाहिए, गैरसैंण सत्र पर बोले CM धामी

October 27, 2026

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र को लेकर सियासत गरमा गई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जहां सरकार के कामकाज की तारीफ की, वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने छोटे सत्र और विकास की अनदेखी पर सरकार को घेरा।

गैरसैंण (उत्तराखंड)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में मंगलवार को सियासी पारा तब चढ़ गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच सरकार के विजन, विकास कार्यों और विधानसभा सत्र के छोटे होने को लेकर तीखी बहस हुई। सीएम धामी ने सरकार की वित्तीय योजनाओं का बचाव किया और विपक्ष से "पॉजिटिव अप्रोच" रखने की अपील की। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सत्ताधारी बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे विधानसभा की कार्यवाही को सिर्फ एक औपचारिकता मान रहे हैं और गैरसैंण की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

विधानसभा भवन में स्पीकर रितु खंडूड़ी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके चेंबर में मुलाकात करने के बाद सीएम धामी ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने साफ कहा कि सरकार का पूरा फोकस राज्य के चहुंमुखी विकास और नई योजनाओं पर है। सीएम धामी ने कहा,

हम पूर्ण बजट पेश कर रहे हैं, जिसमें राज्य के हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रावधान हैं। कुछ नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं। हमारा फोकस इनोवेशन पर है और पुरानी योजनाओं को भी रफ्तार दी जाएगी। विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि उनकी सोच पॉजिटिव होनी चाहिए। एक तरह से विपक्ष हमें और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। आखिर में, सारे अहम काम विधानसभा के अंदर ही होंगे।

इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर सत्र के छोटे शेड्यूल के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार पर जनता के मुख्य मुद्दों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। आर्य ने विधानसभा का कैलेंडर छोटा करने और बिजनेस मीटिंग्स को ग्रीष्मकालीन राजधानी से दूर करने पर सरकार की कड़ी आलोचना की। आर्य ने आरोप लगाते हुए कहा,

सत्र तो हुआ ही नहीं। पूरे एक साल में विधानसभा साठ दिन भी नहीं चल पाई। और अब, हमारे पास यह आखिरी, दो दिन का सत्र है। आज शोक संवेदनाएं व्यक्त की जाएंगी। आज शाम अनुपूरक बजट पेश होगा और कल तक इसे पास भी कर दिया जाएगा।



आर्य ने आगे सवाल उठाया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक गैरसैंण के बजाय देहरादून में क्यों की गई। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। आर्य ने कहा,

इस इलाके के विकास के लिए, स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने, कॉलेज खोलने, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और जरूरी बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए क्या किया गया है? सरकार ने बजट में इसके लिए कितना फंड रखा है? ये हमारे सवाल हैं।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार न तो गैरसैंण को लेकर गंभीर है और न ही उत्तराखंड के व्यापक विकास को लेकर। उन्होंने दावा किया कि पांच साल पहले उठाए गए मुद्दे आज भी जस के तस हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए आर्य ने जवाबदेही की मांग की। उन्होंने एक आरोपी को दी गई कानूनी छूट पर भी सवाल उठाया, जिसे बाद में राज्यपाल बना दिया गया, जिससे वह आपराधिक कार्यवाही से बच गया। आर्य ने आगे कहा,

मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि जिस तरह से उन्होंने यह आखिरी सत्र आयोजित किया है, वह सिर्फ एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं है।

यह सियासी घमासान ऐसे वक्त में हो रहा है जब राज्य विधानसभा गैरसैंण में अनुपूरक बजट और कई अहम बिल पेश करने के लिए जुटी है। भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को लेकर विपक्ष के सड़क से लेकर सदन तक बढ़ते विरोध के बीच, अब सबकी नजरें विधानसभा के अंदर होने वाली बहस पर टिकी हैं।