Uttarakhand: दून विश्वविद्यालय में नए सत्र का आगाज हुआ. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों का स्वागत करते हुए शिक्षा, शोध, रोजगार और युवाओं के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं.
Uttarakhand: दून विश्वविद्यालय में नए सत्र का आगाज हुआ. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों का स्वागत करते हुए शिक्षा, शोध, रोजगार और युवाओं के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं.
![]()
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/08/13/doon-university-uttarakhand-2026-08-13-18-17-08.jpg)
Uttarakhand: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को दून विश्वविद्यालय में दीक्षारम्भ सत्र 2026-27 और युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का जीवन केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं होता. यह व्यक्तित्व विकास, नई सोच और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण समय है.
28 करोड़ से अधिक की सुविधाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री धामी ने दून विश्वविद्यालय में 11 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बने बॉयोलॉजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन और 17 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से बने केंद्रीय पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया. इसके साथ ही दून यूनिवर्सिटी कम्युनिटी रेडियो स्टेशन 88.4 एफएम की शुरुआत भी की गई. उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से पढ़ाई, शोध और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय अब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जाएगा. रेडियो स्टेशन के संचालन के लिए कार्यक्रम समन्वयक और तकनीकी सहायक के दो पद बनाए जाएंगे. विद्यार्थियों के लिए दो इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था भी की जाएगी.
दून विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून में नवनिर्मित केन्द्रीय पुस्तकालय भवन एवं स्कूल ऑफ बायोलोजिकल साइंस प्रयोगशाला भवन का लोकार्पण कर विद्यार्थियों व विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित किया। इसके उपरांत नवस्थापित कम्युनिटी रेडियो 88.4 FM का भी शुभारम्भ किया। pic.twitter.com/meacc7CT4l
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 13, 2026
विदेशी भाषाओं की पढ़ाई को मिलेगा बढ़ावा
सीएम धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा विभागों को मजबूत किया जाएगा. स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, चीनी और जापानी भाषाओं के लिए जरूरी पदों का सृजन किया जाएगा. इससे राज्य के दूसरे शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी कौशल आधारित शिक्षा मिल सकेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति होती है. भारत की बड़ी युवा आबादी विकसित भारत की मजबूत नींव है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं. अब युवा नौकरी खोजने के साथ रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज का दौर नई तकनीक और नवाचार का है. राज्य में शिक्षा को आधुनिक और रोजगार के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके अलावा साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है.
शिक्षा और रोजगार के लिए सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नए कॉलेज, मॉडल कॉलेज, महिला छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्तियां की जा रही हैं. मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत शिक्षकों को 18 लाख रुपये तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी सरकार मदद दे रही है. UPSC, NDA और CDS की लिखित परीक्षा पास करने वाले युवाओं को इंटरव्यू की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है. उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के कारण पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है.
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
सीएम धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरी देना नहीं है. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. सरकार चाहती है कि रोजगार के लिए युवाओं को अपनी मिट्टी और परिवार से दूर न जाना पड़े. मुख्यमंत्री ने युवाओं से विश्वविद्यालय में मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने और अपनी प्रतिभा को पहचानकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की. उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य हासिल होने तक लगातार प्रयास करते रहने का आह्वान किया.
यह भी पढ़ें- उत्तराखण्ड में लखपति दीदी का आंकड़ा 3 लाख पार, महिला सशक्तिकरण की दिशा में देवभूमि ने रचा नया इतिहास