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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की US को खुली चेतावनी, पिता की मौत का बदला लेने की खाई कसम

July 11, 2026

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने देश के नाम अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजराइल को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई.

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने देश के नाम अपने पहले संबोधन में अमेरिका और इजराइल को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने की कसम खाई.

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trump and Mojtaba khamenei

mojtaba khamenei and Trump Photograph: (File photo)

US Iran Conflict: ईरान में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही खाड़ी देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है. पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे और देश के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने पहली बार पूरे मुल्क को संबोधित किया. अपने इस पहले ही भाषण में मुज्तबा ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं. उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को निशाने पर लेते हुए अपने पिता की हत्या का बदला लेने का खुला एलान किया है. मुज्तबा के इस बयान के बाद से पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें और तेज होने की आशंका बढ़ गई है. उन्होंने साफ किया कि यह बदला सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि ईरान की सुरक्षा और सम्मान के लिए बेहद जरूरी कदम है.

खून का बदला लेने की खाई कसम

अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई ने अपने संबोधन में दुश्मनों को सीधे तौर पर ललकारा है. उन्होंने कहा कि उनके पिता और देश के शहीद नेता का खून बेगुनाह था और इसका बदला हर हाल में लिया जाएगा. मुज्तबा ने गरजते हुए कहा कि बदला लेना आज पूरे ईरान की इच्छा बन चुका है. चाहे वह खुद इस सर्वोच्च पद पर रहें या न रहें, लेकिन दुश्मनों को उनके किए की सजा मिलकर रहेगी. नए ईरानी नेता ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने भी ईरान की धरती और उसके नेताओं पर हमला करने की जुर्रत की है, वे अब चैन की नींद नहीं सो पाएंगे. वे बिस्तर पर शांति से मरने का ख्वाब देखते रह जाएंगे, क्योंकि ईरानी सेना उन्हें सीधे कब्र में पहुंचाएगी. इसके लिए बाकायदा एक लिस्ट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर चुन-चुनकर हमला किया जाएगा.

ऐतिहासिक भीड़ ने तोड़ी दुश्मन की कमर

अपने संबोधन के दौरान मुज्तबा खामेनेई भावुक भी नजर आए. उन्होंने उन लाखों लोगों का दिल से आभार जताया जो उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. मुज्तबा ने इस अभूतपूर्व जनसैलाब को ऐतिहासिक करार दिया. उन्होंने कहा कि अंतिम विदाई के कार्यक्रम में उमड़ी इस भारी भीड़ ने दुश्मन की कमर तोड़कर रख दी है. यह भीड़ इस बात का सबूत है कि ईरान के लोग अंदर से पूरी तरह एकजुट हैं. इस एकता ने दुश्मन के हौसलों को पस्त कर दिया है. आपको बता दें कि ईरान ने इस पूरे कार्यक्रम को बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया था ताकि पूरी दुनिया को यह संदेश दिया जा सके कि संकट की इस घड़ी में भी पूरा देश अपने नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा है.

फरवरी में हुई थी अली खामेनेई की हत्या

इस पूरे विवाद की जड़ें इस साल फरवरी महीने से जुड़ी हुई हैं. फरवरी में जब ईरान और अमेरिका के बीच भीषण युद्ध की शुरुआत हुई थी, तब युद्ध के पहले ही दिन एक हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद से ही ईरान में शोक और गुस्से का माहौल था. हाल ही में 4 जुलाई से लेकर 9 जुलाई के बीच पूरे ईरान में उनकी अंतिम विदाई के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था. इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें मशहद की पवित्र धरती पर दफनाया गया. इस जनाजे में शामिल होने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बहुत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. इस दौरान सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि ईरानी सेना ने हवाई और जमीनी सीमाओं पर सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत कर दिया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके.

चार महीने के संघर्ष के बाद टूटा समझौता

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का इतिहास पुराना है, लेकिन इस बार मामला पूरी तरह बिगड़ चुका है. दोनों देशों के बीच इस साल फरवरी के आखिरी हफ्ते से लेकर जून के पहले हफ्ते तक लगातार चार महीने तक भयंकर गोलाबारी और संघर्ष चलता रहा. इसके बाद दुनिया के दबाव में आकर दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खुला था. बीते 17 जून 2026 को दोनों मुल्कों के बीच 60 दिनों के लिए एक सीजफायर समझौता यानी एमओयू हुआ था. उम्मीद थी कि इससे शांति बहाल होगी, लेकिन यह समझौता 8 जुलाई तक आते-आते पूरी तरह से टूट गया.

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होर्मुज स्ट्रेट में हमले के बाद फिर भड़की आग

शांति की कोशिशों को तब बड़ा झटका लगा जब 7 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने तीन जहाजों को अपना निशाना बनाया. इस दुस्साहस का जवाब देने में अमेरिका ने भी देर नहीं की. ठीक अगले ही दिन यानी 8 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. फिलहाल स्थिति यह है कि दोनों देशों के बीच बिना रुके लगातार हमले जारी हैं. मिसाइलों और ड्रोनों के इस नए दौर के हमलों ने खाड़ी देशों में डर का माहौल पैदा कर दिया है. मुज्तबा खामेनेई के नए तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में यह जंग थपने वाली नहीं है, बल्कि ईरान अब नए सिरे से पलटवार करने की तैयारी में जुट गया है.

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