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UPSC: सवालों के घेरे में सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा, 8 सवालों को लेकर CAT ने आयोग को भेजा नोटिस

August 20, 2026

एजुकेशन

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Aug 20, 2026, 09:53 AM IST

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा इसी महीने में होने वाली है लेकिन यूपीएससी मेन्स से ठीक पहले प्रीलिम्स परीक्षा पर सवाल खडे हो गए हैं। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी CAT ने यूपीएससी को नोटिस भेजकर प्रीलिम्स में पूछे गए 8 सवालों को लेकर जवाब मांगा है।

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मुख्य परीक्षा से पहले UPSC प्रीलिम्स पर उठे सवाल?

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा इसी महीने में होने वाली है लेकिन यूपीएससी मेन्स से ठीक पहले प्रीलिम्स परीक्षा पर सवाल खडे हो गए हैं। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी CAT ने यूपीएससी को नोटिस भेजकर प्रीलिम्स में पूछे गए 8 सवालों को लेकर जवाब मांगा है। इससे यूपीएससी प्रीलिम्स में 16 नंबर का हिसाब-किताब बदल सकता है। सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे विश्वसनीय परीक्षा है और उससे जुडा यह मामला हजारों छात्रों के भविष्य से जुडा है।

दरअसल, यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स एग्जाम 24 मई 2026 को हुआ था और इसका रिजल्ट 15 जून को घोषित किया गया था। इस परीक्षा में पास हुए उम्मीदवार 21, 22, 23, 29 और 30 अगस्त 2026 को होने वाली मुख्य परीक्षा में बैठेंगे। संघ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा कराने की पूरी तैयारी कर ली है लेकिन एग्जाम से ठीक पहले कुछ एस्पिरेंट्स ने प्रीलिम्स के 8 सवालों पर ऑब्जेक्शन उठाया है। उम्मीदवारों ने यूपीएससी के खिलाफ CAT में याचिका दायर की है। सचिन तिवारी और कई अन्य यूपीएससी एस्पिरेंट्स ने वकील शांतनु जुगतावत के माध्यम से याचिका दायर की है।

उम्मीदवारों की शिकायत है कि यूपीएससी प्रीलिम्स जनल स्टडीज यानी GS पेपर-1 के सेट-A में 8 सवाल ऐसे थे जिनमें गलतियां हैं। प्रश्न संख्या 7, 11, 45, 60, 62, 82, 86 और 96 में उम्मीदवारों ने गलतियों की बात कही है। उम्मीदवारों का आरोप है कि इन सवालों में तथ्यात्मक गलतियां हैं, कुछ आंसर आधिकारिक और सरकारी डॉक्यूमेंट्स से मेल नहीं खाते हैं और कुछ सवाल तय सिलेबस से बाहर के हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सवाल नंबर 11 और 62 में दिए गए चारों ऑप्शन में से कोई भी सही नहीं है।

याचिकाकर्ताओं की मानें तो उन्होंने प्राथमिक सरकारी रिकॉर्ड और ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स से क्रॉस-चेक करने के बाद, प्रोविजनल आंसर-की पर ऑनलाइन आपत्ति भी दर्ज कराई थी। इसके अलावा ईमेल के जरिए भी यूपीएससी को जानकारी दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उम्मीदवारों ने CAT का रुख किया। उम्मीदवारों ने CAT की प्रिंसिपल बेंच में यूपीएससी और भारत सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है। उम्मीदवारों का कहना है कि प्रोविनजल आंसर-की पर उठाई गई आपत्तियों पर कैसे कार्रवाई की गई? क्या उन्हें सुधार के लिए स्वीकार किया गया या नहीं? और अगर नहीं, तो उसके पीछे क्या कारण थे?

याचिका दायर होने के बाद कैट की प्रिंसिपल बेंच ने यूपीएससी को कथित विवादित 8 सवालों को लेकर नोटिस भेजा गया और इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है। यूपीएससी की चयन प्रक्रिया या नियुक्ति से जुडे विवादों को सुनने वाली संस्था केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को करेगी। सुनवाई के दौरान याचिका पर यूपीएससी के जवाब पर विचार किया जाएगा।

दरअसल, ये मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यूपीएससी प्रीलिम्स के 8 'विवादित सवालों' से 16 नंबर का गणित बदल सकता है। जीएस पेपर-1 (सेट-A) के 8 सवालों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। हर सही सवाल के लिए 2 अंक मिलते हैं, इस तरह यह मामला 16 नंबर के सही और गलत का हो जाता है। अगर ये आठ सवाल संशोधित किए जाते हैं या इन्हें मूल्यांकन से हटाया जाता है, तो उम्मीदवारों के प्राप्त अंकों में 16 नंबर बढ़ सकते हैं। इसके बाद जो उम्मीदवार कुछ नंबरों के चलते मेन्स के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए वे भी दायरे में आ सकते हैं और कट-ऑफ में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है।

हालांकि, उम्मीदवारों का कहना है कि इस समस्या को सुलझाने के लिए री-एग्जाम की जरूरत नहीं है। उन्होंने विवादित सवालों को हटाने और उम्मीदवारों के लिए सही तरीके रिजल्ट जारी करने की मांग की है। उम्मीदवारों का कहना है कि सिविल सेवा परीक्षा में 1 या 2 नंबर का अंतर हजारों परीक्षार्थियों पर असर डाल सकता है और यह कथित गड़बड़ी हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। अब देखना होगा कि इस मामले में संघ लोक सेवा आयोग कब तक अपना जवाब दाखिल करता है और उम्मीदवारों की मांग पर क्या फैसला लेता है।

इस बीच यूपीएससी ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की है। आयोग का कहना है कि उम्मीदवार परीक्षा सत्र में एडमिट कार्ड के साथ दो रीसेंट पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आएं। परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों का फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। अगर इसमें किसी तरह की समस्या आती है, तो परीक्षा केंद्र पर अंडरटेकिंग फॉर्म भरना होगा जिसके लिए पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पडेगी। बता दें कि यूपीएससी सिविल सर्विस मुख्य परीक्षा का आयोजन 21, 22, 23, 29 और 30 अगस्त को किया जाएगा। यह परीक्षा दो शिफट में होगी, पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन समेत किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक लगाई गई है। देशभर में 24 शहरों में कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अगर आप सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल हो रहे हैं तो इन सभी बातों का जरूर ध्यान रखें।

Kuldeep Raghav

कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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