world-news

UPI MDR पर पहली बार बोलीं निर्मला सीतारमण, ₹2,000 से ऊपर UPI पर क्या होगा?

September 25, 2026

₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति साफ की है। यह टैक्स नहीं है और ग्राहक से शुल्क नहीं लिया जाएगा। जानिए किन UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लगेगा और 96% भुगतान क्यों रहेंगे फ्री।

UPI को लेकर इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करने पर अब ग्राहक से कोई चार्ज लिया जाएगा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) कोई टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है और इसका पैसा सरकार के पास नहीं जाएगा।

₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर क्या बदलेगा?

नए ढांचे के तहत चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4% MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन तक सीमित रहेगा। वहीं व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान किसी भी राशि का हो, वह मुफ्त रहेगा।

यह भी पढ़ें: ‘2029 में सबका हिसाब होगा…’, ज्ञानेश कुमार पर ये क्या बोल गए संजय राउत

ग्राहक से नहीं लिया जाएगा MDR

वित्त मंत्रालय के मुताबिक MDR भुगतान व्यवस्था के भीतर लिया जाने वाला शुल्क है। इसका भुगतान व्यापारी पक्ष से होगा और ग्राहकों पर इसे डालने की अनुमति नहीं होगी। यानी UPI से पेमेंट करने वाले व्यक्ति से अलग से MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है। सरकार का कहना है कि यह शुल्क बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप जैसे सिस्टम के भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।

96% व्यापारी लेनदेन रहेंगे फ्री

सरकार के अनुसार नए ढांचे का करीब 96% P2M लेनदेन पर असर नहीं पड़ेगा। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान मुफ्त रहेंगे। इसके अलावा UPI QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए भी जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

रेलवे, पेट्रोल और बीमा के लिए अलग नियम

कुछ जरूरी क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था रखी गई है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में ₹2,000 से ज्यादा के लेनदेन पर ₹5 का फ्लैट MDR होगा। वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर से जुड़े भुगतान पर 0.02% MDR होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 है।

क्यों लाई गई MDR व्यवस्था?

सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य UPI के लिए लंबे समय तक टिकाऊ आय ढांचा तैयार करना है, ताकि भुगतान व्यवस्था के इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और तकनीकी विकास को बनाए रखा जा सके। NPCI ने 15 सितंबर 2026 को संबंधित सर्कुलर जारी किया था।

यह भी पढ़ें: आपको डॉक्टर की पर्ची अब समझ आएगी! ब्रजेश पाठक ने दवाओं को लेकर की खास अपील

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।