Updated On: Jul 17, 2026 | 06:37 PM IST
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सार
UPI MDR Fees: UPI को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। रोजमर्रा की खरीदारी के लिए Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी अन्य UPI ऐप का इस्तेमाल करते है तो इसमें कुछ बदलाव आने वाले है।

यूपीआई (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
UPI Charges: भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन चुके वहीं UPI को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। बता दें कि रोजमर्रा की खरीदारी के लिए Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी अन्य UPI ऐप का इस्तेमाल करते है तो इसमें कुछ बदलाव आने वाले है। बताया जा रहा है कि सरकार UPI पर MDR (Merchant Discount Rate) शुल्क दोबारा लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है लेकिन इसका असर आम उपभोक्ताओं पर नहीं बल्कि चुनिंदा बड़े व्यापारियों पर पड़ सकता है।
इसको लेकर रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस कदम का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अधिक टिकाऊ और मजबूत बनाना है क्योंकि बढ़ते UPI ट्रांजैक्शन के साथ बैंकों और फिनटेक कंपनियों की लागत भी लगातार बढ़ रही है।
क्या होता है MDR और क्यों हो रही इसकी वापसी की चर्चा?
Merchant Discount Rate के बारे में बताए तो यह वो शुल्क होता है जो दुकानदार डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता को देता है। बता दें कि जनवरी 2020 में UPI को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया था। इसके बाद देश में डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि अब करोड़ों UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और निर्बाध तरीके से संचालित करने की बढ़ती लागत को देखते हुए MDR को आंशिक रूप से वापस लाने की मांग तेज हो गई है।
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किन व्यापारियों को देना पड़ सकता है चार्ज?
रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि प्रस्तावित MDR शुल्क केवल बड़े व्यापारियों पर लागू किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि जिन कारोबारियों का वार्षिक कारोबार 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है और जिनके 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन होते हैं उन्हीं पर 0.30% तक MDR शुल्क लगाया जा सकता है। इसका मतलब है कि देश के लगभग 90% छोटे दुकानदार इस दायरे से बाहर रहेंगे और उन्हें UPI पेमेंट स्वीकार करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
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क्या आम लोगों को भी देना होगा कोई चार्ज?
जानकारी में यह भी बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव का आम UPI यूजर्स से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिसका मतलब है कि ग्राहक पहले की तरह फ्री में UPI पेमेंट कर सकेंगे। MDR का भुगतान केवल पात्र व्यापारी करेंगे न कि भुगतान करने वाला ग्राहक। वहीं इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने में मुफ्त UPI सेवा की बड़ी भूमिका रही है। मौजूदा समय में PhonePe और Google Pay का UPI बाजार में करीब 79% हिस्सा है। ऐसे में सरकार संतुलन बनाते हुए डिजिटल भुगतान को मजबूत रखने और भुगतान कंपनियों की लागत को संभालने के लिए नया मॉडल तैयार कर सकती है। लेकिन MDR को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
