यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेट बैंकिंग ने हमारे दैनिक लेन-देन को जितना तेज और आसान बनाया है, थोड़ी सी भी जल्दबाजी या लापरवाही से गलत अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है। एक गलत अंक या गलत यूपीआई आईडी दर्ज होते ही सेकंडों में आपकी गाढ़ी कमाई किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।
अक्सर लोग ऐसा होने पर मान लेते हैं कि उनका पैसा हमेशा के लिए डूब गया, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि गलत तरीके से ट्रांसफर हुए पैसों पर मूल खाताधारक का पूरा अधिकार होता है। यदि आप समय रहते सही प्रक्रिया का पालन करते हैं, तो आपका पैसा सुरक्षित वापस आपके खाते में क्रेडिट हो सकता है।
गोल्डन ऑवर (Golden Hour): गलती होते ही सबसे पहले करें ये 3 जरूरी काम
पैसे ट्रांसफर होते ही बिना कोई समय गंवाए आपको तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
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1. ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और UTR नंबर सुरक्षित करें:
पेमेंट ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) से सफल ट्रांजैक्शन की स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लें। इसमें 12 अंकों का UPI Transaction ID (UTR Number), समय, तारीख और प्राप्तकर्ता की गलत यूपीआई आईडी/मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए।
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2. बैंक के एसएमएस (SMS) में आए नंबर पर तुरंत कॉल करें:
पैसे कटने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जो बैंक एसएमएस आता है, उसमें एक हेल्पलाइन नंबर या फ्रॉड रिपोर्टिंग नंबर दिया होता है। उस पर कॉल करके बताएं कि यह ट्रांजैक्शन अनपेक्षित (Unintended Transfer) है।
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3. यूपीआई ऐप के हेल्प सपोर्ट में शिकायत दर्ज करें:
जिस ऐप से पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसके 'Transaction History' में जाएं। 'Having Issues' या 'Help' सेक्शन में जाकर 'Transferred to wrong account' विकल्प चुनकर टिकट रेज करें।
स्टेप-बाय-स्टेप रिफंड प्रक्रिया: अपने बैंक और NPCI पोर्टल पर कैसे करें शिकायत?
यदि ऐप सपोर्ट से समाधान नहीं मिलता है, तो आपको आधिकारिक बैंकिंग स्तर पर शिकायत करनी होगी:
1.होम ब्रांच में जाकर लिखित शिकायत दर्ज करें:लेन-देन के 24 से 48 घंटे के भीतर संपर्क करें.
अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाएं और बैंक मैनेजर को एक लिखित आवेदन (Application Letter) दें। इसमें अपना अकाउंट नंबर, ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, राशि, 12 अंकों का UTR नंबर और जिस गलत खाते में पैसा गया है उसका विवरण दें। बैंक इस ट्रांजैक्शन को 'Wrong Beneficiary Transfer' के रूप में मार्क करेगा।
2.NPCI पोर्टल पर ऑनलाइन डिस्प्यूट रेज करें:www.npci.org.in पर जाएं.
एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और मेन्यू में 'Get in touch' टैब के तहत 'UPI Complaint' विकल्प पर क्लिक करें। 'Complaint' सेक्शन में 'Transaction' टैब चुनें। इश्यू टाइप में 'Incorrectly transferred to another account' सिलेक्ट करें। अपना यूपीआई आईडी, बैंक का नाम, यूटीआर नंबर और ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें।
3.बैंकों का आपसी समन्वय और लीगल नोटिस:रिसीवर बैंक से संपर्क स्थापित करना.
आपका बैंक उस बैंक से संपर्क करेगा जिसमें पैसा गया है (Beneficiary Bank)। लाभार्थी बैंक उस व्यक्ति से संपर्क करके बताएगा कि उसके खाते में गलती से राशि आई है और उसकी सहमति (Consent) लेकर पैसा वापस आपके खाते में रिवर्स कर देगा।
अगर सामने वाला व्यक्ति पैसे लौटाने से मना कर दे, तो क्या करें?
भारतीय कानून के तहत किसी और का अनपेक्षित पैसा अपने पास रखना गैर-कानूनी है:
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भारतीय दंड संहिता (IPC/BNS) के तहत अपराध: यदि गलत प्राप्तकर्ता बैंक के अनुरोध के बावजूद पैसा लौटाने या खर्च करने से मना करता है, तो यह 'आपराधिक विश्वासघात' (Criminal Breach of Trust) और अनुचित लाभ लेने की श्रेणी में आता है।
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आरबीआई ओम्बड्समैन (RBI Ombudsman): यदि आपका बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं करता है, तो आप आरबीआई के इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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साइबर सेल / पुलिस में एफआईआर: लाभार्थी के इनकार करने पर आप राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। पुलिस के नोटिस के बाद बैंक उस व्यक्ति का खाता तुरंत फ्रीज कर देता है और कानूनी प्रक्रिया के जरिए आपका पैसा वापस मिल जाता है।