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UP Transport Upgrade: यूपी में सड़कों पर दौड़ेंगी 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें, योगी कैबिनेट ने दी ₹425.50 करोड़ की मंजूरी - Haribhoomi

July 21, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने और विधायी कार्यों को गति देने के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। राज्य में पर्यावरण अनुकूल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए ₹425.50 करोड़ की लागत से 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है।

UP Cabinet Decisions, 250 Electric Buses

इन बसों से प्रदेश के नागरिकों को प्रदूषण-रहित और सफर का अनुभव मिलेगा, और बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

  • Published: 21 Jul 2026, 04:27 PM IST
  • Last Updated: 21 Jul 2026, 04:27 PM IST

प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस योजना के तहत बेड़े में 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी, जिन पर कुल 425.50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

इसमें से 400 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से किया जाएगा, जबकि शेष 25.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च स्वयं यूपीएसआरटीसी वहन करेगा।

दो श्रेणियों में खरीदी जाएंगी 50 और 41 सीटर बसें
लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि रोडवेज बेड़े में दो अलग-अलग श्रेणियों की बसें जोड़ी जाएंगी। इनमें 100 इलेक्ट्रिक बसें (टाइप-II, 50 सीटर) होंगी, जबकि 150 इलेक्ट्रिक बसें (2×2 टाइप-III, 41 सीटर) श्रेणी की होंगी। इन अत्याधुनिक बसों के संचालन से प्रदेश के नागरिकों को न केवल प्रदूषण-रहित और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा, बल्कि बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

3 अगस्त से शुरू होगा विधानमंडल का तृतीय सत्र
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का वर्ष 2026 का तृतीय सत्र 3 अगस्त 2026 से आहूत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। संविधान के अनुच्छेद-174 के तहत दो सत्रों के बीच 6 माह से अधिक का अंतराल नहीं होना चाहिए। पिछला सत्र 30 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद 7 मई 2026 को समाप्त किया गया था, इसलिए संवैधानिक बाध्यता के अनुसार यह सत्र बुलाया जा रहा है। नियमावली के अनुसार माननीय सदस्यों को 7 दिन पूर्व सूचना भेजी जाएगी।

सत्र में पेश होगा अनुपूरक बजट और पास होंगे विधेयक
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि 3 अगस्त से शुरू हो रहे इस आगामी सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इसके अलावा, पिछले सत्रावसान की अवधि के दौरान शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए प्रख्यापित किए गए अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी पारित कराए जाएंगे, जिससे कई बड़े विकास कार्यों को कानूनी अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।