UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीटों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने भाजपा के सामने 33 विधानसभा सीटों पर दावेदारी पेश की है. पार्टी ने भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी पसंद की सीटों की सूची सौंपी है. इसमें भाजपा और सहयोगी निषाद पार्टी के कब्जे वाली सीटें भी शामिल हैं.
भाजपा के सामने 33 सीटों का प्रस्ताव, नौ सीटों पर भाजपा का कब्जा
प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात कर 33 विधानसभा सीटों की सूची सौंपी. वहीं, पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने शुक्रवार को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और उन्हें भी यही सूची दी. सुभासपा की इस मांग में भाजपा के कब्जे वाली नौ विधानसभा सीटें और गठबंधन की सहयोगी निषाद पार्टी के कब्जे वाली दो सीटें शामिल हैं.
अनिल राजभर की शिवपुर सीट पर भी सुभासपा की नजर
सुभासपा की ओर से पेश की गई सूची में वाराणसी जिले की शिवपुर विधानसभा सीट भी शामिल है. इस सीट पर दावेदारी इसलिए खास मानी जा रही है, क्योंकि फिलहाल यहां से प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर विधायक हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा ने इसी सीट से डॉ. अरविंद राजभर को चुनाव मैदान में उतारा था. हालांकि, उन्हें करीब 27 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा था. अब पार्टी ने एक बार फिर इस सीट पर अपनी दावेदारी जताई है.
पिछले चुनाव में 17 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी
पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा समाजवादी पार्टी के गठबंधन में शामिल थी. उस दौरान पार्टी ने अपने चुनाव चिह्न पर 17 प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से छह को जीत मिली थी. आजमगढ़ जिले की मेहनगर सीट भी सुभासपा के खाते में आई थी, लेकिन सपा ने वहां के प्रत्याशी को अपना चुनाव चिह्न दे दिया था. इस बार पार्टी ने 33 सीटों पर दावा पेश किया है. इस तरह पिछले चुनाव की तुलना में सुभासपा 16 अधिक सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है.
राजग की आगामी बैठक में उठेगा सीट बंटवारे का मुद्दा
सुभासपा अब राजग की आगामी बैठकों में अपनी ओर से सौंपी गई सूची के आधार पर सीटों की मांग रखेगी. गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर होने वाली चर्चा में पार्टी की 33 सीटों की दावेदारी अहम मुद्दा बन सकती है. सूची में पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई जिलों की विधानसभा सीटें शामिल हैं. इनमें कुछ ऐसी सीटें भी हैं, जहां पहले से भाजपा या उसके सहयोगी दलों के विधायक हैं. ऐसे में सुभासपा की मांग पर गठबंधन में किस तरह सहमति बनती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.
सुभासपा की 33 सीटों की पूरी सूची
सुभासपा की ओर से सौंपी गई सूची में गाजीपुर की जहूराबाद और जखनिया, जौनपुर की जफराबाद और केराकत, वाराणसी की अजगरा और शिवपुर तथा चंदौली की सकलडीहा सीट शामिल हैं. आजमगढ़ की अतरौलिया, दीदारगंज और मेहनगर, मऊ सदर और घोसी, बलिया की बेल्थरा रोड, रसड़ा और सिकंदरपुर तथा अंबेडकरनगर की अकबरपुर सीट पर भी पार्टी ने दावेदारी की है. इसके अलावा सुल्तानपुर की इसौली सीट को भी सूची में जगह दी गई है.
इन जिलों की सीटों पर भी दावा
सुभासपा की सूची में बस्ती की महादेवा और रुधौली, महाराजगंज की फरेंदा, कुशीनगर की रामकोला और खड्डा तथा देवरिया की रामपुर कारखाना सीट शामिल हैं. इसके साथ ही संतकबीरनगर की घनघटा, बाराबंकी की रामनगर, हरदोई की संडीला, बलरामपुर की उतरौला और बहराइच की बलहा सीट पर भी पार्टी ने दावा पेश किया है. सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज और इटवा, मीरजापुर की मझवा, सीतापुर की महोली तथा मुरादाबाद जिले की मुरादाबाद ग्रामीण सीट भी सुभासपा की 33 सीटों वाली सूची का हिस्सा हैं.
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