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स्मृति ईरानी बनेंगी मंत्री? राज्यसभा भेजने की तैयारी! UP की 10 सीटों पर BJP खेलने जा रही 'चौंकाने वाला कार्ड'

September 28, 2026

Time Published: Monday, September 28, 2026, 11:25 [IST]

UP Rajya Sabha Election Smriti Irani: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव ने बीजेपी के भीतर हलचल बढ़ा दी है। इस बार मुकाबला सिर्फ 10 सीटों का नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए नए चेहरों, पुराने सांसदों और सामाजिक समीकरणों के बीच संतुलन भी बड़ा सवाल है। इन सीटों पर चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को होगा। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। यूपी की 10 सीटों में फिलहाल 8 बीजेपी, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। मौजूदा विधानसभा संख्या के हिसाब से बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए आठ सीटों का गणित बनता दिख रहा है, जबकि दो सीटें सपा के खाते में जाने की स्थिति बन रही है।

ऐसे में असली सवाल है कि बीजेपी इन 8 संभावित सीटों पर किन चेहरों को उतारती है। स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी के नाम इस चर्चा में खास तौर पर सामने आ रहे हैं। हालांकि आखिरी फैसला पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा। आइए आपको बताते हैं कि यूपी की इन 10 सीटों का पूरा गणित क्या है और कौन-कौन से नेता राज्यसभा की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।

UP Rajya Sabha Election Smriti Irani

10 सीटों का क्या है गणित?

यूपी कोटे से 10 सीटें खाली हो रही हैं। फिलहाल इनमें से 8 पर बीजेपी, एक पर समाजवादी पार्टी (सपा) और एक पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का कब्जा है। बसपा के इकलौते सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही राज्यसभा में मायावती की पार्टी शून्य हो जाएगी।

इस बार मुकाबला सीधा बीजेपी और सपा के बीच है। मौजूदा विधानसभा के नंबर गेम के हिसाब से 10 में से 8 सीटें बीजेपी गठबंधन के खाते में जाना तय है, जबकि बाकी 2 सीटें अखिलेश यादव की सपा को मिलेंगी। अक्टूबर के पहले हफ्ते में बीजेपी अपने उम्मीदवारों की ऑफिशियल लिस्ट जारी कर सकती है।

किसके पास कितने विधायक?

  • बीजेपी गठबंधन (288 विधायक): बीजेपी (255), अपना दल-एस (13), रालोद (9), सुभासपा (6), निषाद पार्टी (5)।
  • सपा गठबंधन (103 विधायक): सपा (101), राजा भैया की जनसत्ता दल (2)। तीन निर्दलीय (सपा से जीते बागी) भी हैं।

स्मृति ईरानी का नाम क्यों चर्चा में?

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बीजेपी ने हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी है। इसी के बाद यूपी से उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा तेज हुई है। मीडिया रिपोर्टों में उनका नाम संभावित नए चेहरों में शामिल है।

स्मृति ईरानी 2010 से 2013 तक बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रही थीं। 2014 में उन्होंने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। चुनाव हारने के बावजूद उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।

2019 में उन्होंने अमेठी से राहुल गांधी को हराया और फिर केंद्र सरकार में मंत्री बनीं। 2024 का लोकसभा चुनाव वह अमेठी से कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के खिलाफ हार गईं। इसके बाद वह संगठन में सक्रिय रहीं। अब राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद राज्यसभा के लिए उनका नाम चर्चा में है।

हरीश द्विवेदी भी मजबूत दावेदारों में

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में है। वह बस्ती से दो बार सांसद रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने आरएसएस के पूर्णकालिक विस्तारक के तौर पर काम किया और बाद में भाजयुमो में संगठन की जिम्मेदारियां संभालीं।

हरीश द्विवेदी बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में भी काम कर चुके हैं। जेपी नड्डा की टीम में राष्ट्रीय सचिव रहे। असम और राजस्थान के चुनावों में भी संगठन की जिम्मेदारी संभाली। अब राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद उन्हें कर्नाटक और बिहार जैसे राज्यों का प्रभार मिला है। मीडिया रिपोर्टों में उन्हें संभावित राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर बताया गया है। उनके नाम की चर्चा की एक वजह उनका संगठनात्मक अनुभव और ब्राह्मण चेहरा होना भी बताया जा रहा है।

वरुण गांधी की होगी वापसी? ये 6 नाम भी हैं लाइन में

बीजेपी गीता शाक्य और जौनपुर की सीमा द्विवेदी जैसी मौजूदा सांसदों की जगह नए चेहरों की तलाश में है। आइए देखते हैं बाकी सीटों के लिए कौन से नाम चर्चा में हैं।

  • वरुण गांधी (Varun Gandhi): पीलीभीत से पूर्व सांसद वरुण गांधी पिछले 2 साल से चुप हैं। हाल ही में उनकी पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कयास तेज हैं कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ा ब्राह्मण कार्ड खेल सकती है।
  • राजवीर सिंह (Rajveer Singh): पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेटे। लोधी वोटबैंक को साधने के लिए इन्हें मौका मिल सकता है।
  • प्रकाश पाल (Prakash Pal): सपा और बसपा ने पाल समाज के नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इसकी काट में बीजेपी अपने ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष प्रकाश पाल को राज्यसभा भेज सकती है।
  • बीएल वर्मा (B.L. Verma): केंद्रीय मंत्री और लोधी चेहरा। इन्हें दोबारा मौका मिलने के चांस हैं, लेकिन एक धड़ा चाहता है कि ये विधानसभा चुनाव लड़ें।
  • गीता शाक्य (Geeta Shakya): इन्हें बड़े नेताओं का सपोर्ट है, लेकिन इनका टिकट कटने की भी चर्चा है। इनकी जगह ममतेश शाक्य का नाम चल रहा है।
  • हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri): अगर ये केंद्रीय मंत्री बने रहते हैं, तो तीसरी बार यूपी से राज्यसभा जाएंगे।
  • इनके अलावा दलित कोटे से मौजूदा सांसद ब्रजलाल (71 साल) की जगह किसी युवा चेहरे (जैसे विद्यासागर) को मौका मिल सकता है।
  • वहीं नीरज शेखर के भविष्य का आखिरी फैसला सीधे पीएम मोदी करेंगे। कुल मिलाकर बीजेपी की लिस्ट इस बार कई बड़े नेताओं के लिए सरप्राइज लेकर आने वाली है।

बीजेपी कब खोलेगी पत्ते?

बीजेपी ने अभी उम्मीदवारों की अंतिम सूची घोषित नहीं की है। पार्टी की ओर से उम्मीदवार चयन को लेकर जल्द बैठक होने की बात सामने आई है। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, "उम्मीदवारों पर जल्द फैसला होगा। पार्टी संगठन से जुड़े सभी प्रमुख नेताओं से चर्चा के बाद नाम तय करती है।"

यानी फिलहाल स्मृति ईरानी से लेकर हरीश द्विवेदी और बाकी नाम संभावित दावेदारों की सूची में हैं। असली तस्वीर नामांकन शुरू होने और बीजेपी की आधिकारिक सूची आने के बाद ही साफ होगी। एक बात तय है कि यूपी की ये 10 राज्यसभा सीटें सिर्फ उच्च सदन की संख्या बदलने तक सीमित नहीं हैं। इनका असर पार्टी के संगठन, सामाजिक समीकरण और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है।