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भारतीय कैप्टन मच्छर पर को-पायलट ने इस हथियार से किया हमला, UAE का खुलासा- Flydubai प्लेन में हुआ 'आतंकी हमला'

October 3, 2026

Time Published: Saturday, October 3, 2026, 19:36 [IST]

फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें कुछ दिन पहले आसमान में अचानक अफरा-तफरी मच गई थी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रॉसिक्युटर जनरल ने अब इस घटना को आतंकी हमला करने की कोशिश बताया है। जांच में सामने आया है कि फ्लाइट के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने स्मित पर क्रैश ऐक्स यानी आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया।

इसके बाद उसने विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। क्रैश ऐक्स आम तौर पर कॉकपिट में रखा जाता है और दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में ही इसका इस्तेमाल किया जाता है।

Flydubai terrorist attack

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे और ज्यादातर यात्री इजरायली नागरिक थे। घटना के बाद विमान का रूट बदला गया और उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।

कॉकपिट में अचानक शुरू हुआ हमला, को-पायलट का क्या था प्लान?

यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने शनिवार (03 अक्टूबर) को बताया कि जांच में को-पायलट की तरफ से आतंकी कार्रवाई की कोशिश सामने आई है। उनके मुताबिक, को-पायलट ने उड़ान के दौरान अपना प्लान लागू करना शुरू किया।

उसने कॉकपिट में कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला किया और विमान के फ्लाइट कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। यूएई की जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे उसका असली मकसद क्या था और क्या वह किसी संगठन या दूसरे व्यक्ति के संपर्क में था।

यूएई अभियोजन पक्ष ने कहा, "जांच से पता चला है कि को-पायलट ने आतंकवादी कार्रवाई को अंजाम देने की कोशिश की। उसने उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने का प्रयास किया।"

कौन है को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी?

हमलावर को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। हालांकि ओमान सरकार ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यूएई अधिकारियों ने अपने आधिकारिक बयान में उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। हम्माम को घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था।

बाद में उसे सऊदी अरब से अबू धाबी ट्रांसफर किया गया। यूएई इस मामले की जांच कर रहा है। इजराइल के नियमों के मुताबिक बिना राजनयिक संबंधों वाले देशों के पायलटों को इजराइल जाने वाले विमान उड़ाने की इजाजत नहीं होती, फिर भी यह को-पायलट रोस्टर में कैसे शामिल हुआ, इसकी जांच जारी है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस को-पायलट ने साल 2025 में रॉयल एयर मारोक (Royal Air Maroc) में तीन महीने की ट्रेनिंग ली थी। हालांकि, मोरक्को की इस एयरलाइन ने ट्रेनिंग के बाद उसकी नौकरी की अर्जी खारिज कर दी थी। फ्लाईदुबई के सीईओ गैथ अल गैथ ने माना कि कॉकपिट में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर घटना हुई थी, जिसके बाद रूट डायवर्ट करना पड़ा।

भारतीय पायलट ने कैसे बचाई फ्लाइट?

हमले के बाद स्थिति बेहद तेजी से बिगड़ी। विमान ने उड़ान के दौरान अचानक बड़ी ऊंचाई खो दी। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से महज कुछ ही समय में 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था।

हमले में घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन मच्छर स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू के लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर को-पायलट को काबू किया।

विमान में मौजूद रिजर्व फ्लाईदुबई पायलटों ने इसके बाद नियंत्रण संभाला। फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। यूएई की नागरिक उड्डयन अथॉरिटी ने भी कैप्टन मच्छर स्मित, क्रू और यात्रियों की तेज प्रतिक्रिया की तारीफ की है। अथॉरिटी ने बताया कि कैप्टन मच्छर सुरक्षित यूएई लौट चुके हैं और उनका इलाज चल रहा है।

UAE का कड़ा संदेश और इजराइल की जांच

यूएई के अटॉर्नी जनरल ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और वजहों का पता लगाया जा रहा है। यूएई के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार अनवर गरगाश ने सोशल मीडिया पर साफ लिखा, "आतंकवाद को लेकर देश की जीरो टॉलरेंस नीति है। चरमपंथी सोच और हिंसा फैलाने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।"

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइली एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या आरोपी किसी बाहरी आका के इशारे पर काम कर रहा था। उन्होंने चेतावनी दी, "इस साजिश में शामिल हर शख्स को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।" इजराइली जांचकर्ता अब यूएई की टीम के साथ मिलकर आरोपी से पूछताछ करेंगे।