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Tragic Avalanche on Mt Manaslu: दुनिया की 8वीं सबसे ऊंची चोटी मनास्लु पर बड़ा हादसा, पर्वतरोही ज्योति गुहा ने गंवाई जान - Haribhoomi

September 21, 2026

नेपाल में स्थित दुनिया की 8वीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी मनास्लु पर शनिवार रात कैंप-3 में भारी हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा और उनके अनुभवी नेपाली शेरपा गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत हो गई।

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भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही ध्रुव ज्योति गुहा और उनके अनुभवी नेपाली शेरपा गाइड फुरसेम्बा शेरपा की मौत हो गई।

  • Published: 21 Sep 2026, 06:42 AM IST
  • Last Updated: 21 Sep 2026, 07:35 AM IST

नेपाल के गोरखा जिले में स्थित माउंट मनास्लु पर शरदकालीन पर्वतारोहण सत्र के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। मकालू एडवेंचर कंपनी के अभियान दल के तहत चढ़ाई कर रहे भारतीय-जर्मन नागरिक ध्रुव ज्योति गुहा और मकालू क्षेत्र के निवासी फुरसेम्बा शेरपा शनिवार रात कैंप-3 में हिमस्खलन की चपेट में आ गए। दोनों के शव रविवार सुबह उनके टेंट के भीतर करीब 7 फीट बर्फ के नीचे दबे मिले।

​खराब मौसम में आगे बढ़ने का प्रयास पड़ा भारी 
अभियान आयोजक मकालू एडवेंचर के प्रबंध निदेशक मोहन लामसाल के अनुसार, शनिवार को मनास्लु के ऊपरी इलाकों में तेज बर्फीला तूफान और मौसम बेहद खराब था। 8 सदस्यीय दल में शामिल अन्य 6 पर्वतारोहियों ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए कैंप-2 से वापस नीचे लौटने का सही फैसला किया और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हालांकि, ध्रुव ज्योति गुहा और उनके गाइड फुरसेम्बा शेरपा ने जल्दी समिट तक पहुंचने के प्रयास में कैंप-2 से आगे कैंप-3 की ओर रुख किया।

​7 फीट बर्फ में दबे मिले शव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी 
​शनिवार रात के बाद दोनों का आयोजकों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। संपर्क न होने पर रविवार को एक खोज एवं बचाव दल को कैंप-3 भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि एक विशाल हिमस्खलन सीधे उनके टेंट के ऊपर आ गिरा था। कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने 7 फीट बर्फ खोदकर दोनों के शव बरामद किए। शवों को बेस कैंप लाया जा रहा है, जहां से मौसम अनुकूल होने पर हेलीकॉप्टर द्वारा काठमांडू भेजने की तैयारी है।

​इस सीजन में मनास्लु पर अब तक 4 मौतें 
​इस दुखद हादसे के साथ ही इस सीजन में माउंट मनास्लु पर मरने वाले पर्वतारोहियों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। इससे पूर्व 17 सितंबर को सिंगापुर के 50 वर्षीय पर्वतारोही लाउ वी सेंग की क्लाइमेटाइजेशन के दौरान मौत हुई थी, जबकि बेस कैंप में 20 वर्षीय नेपाली पोर्टर ताशी शेरपा का शव मिला था।

मनास्लु को पर्वतारोहण के लिए अत्यधिक चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा माना जाता है, जहां इस वर्ष नेपाल पर्यटन विभाग ने करीब 493 पर्वतारोहियों को चढ़ाई के परमिट जारी किए हैं।