world-news

उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मिली मंजूरी, TMC के बागी सांसदों पर भी आया फैसला

July 18, 2026

मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को टीएमसी से अलग होकर बागी नेताओं की बनी NCPI में विलय करने वाले सांसदों को सदन में सीटिंग की मंजूरी दी है.

Written By : कार्तिक सागर समाधिया |  Updated at : 18 Jul 2026 08:36 PM (IST)

Preferred Sources

shiv sena ubt 6 MPs with Shinde faction approved by Lok Sabha Secretariat uddhav thackeray eknath shinde shiv sena उद्धव गुट के सांसदों के शिंदे गुट में विलय को मिली मंजूरी, TMC के बागी सांसदों पर भी आया फैसला

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

मॉनसून सत्र से पहले उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी को भी बड़ा झटका लगा है. मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार को टीएमसी से अलग होकर बागी नेताओं की बनी NCPI में विलय करने वाले सांसदों को सदन में सीटिंग की मंजूरी दी है.

इनकी संख्या 20 है. अलग से लोकसभा में स्टेटस भी दिया गया है. वहीं, यूबीटी शिवसेना यानी उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 6 सांसदों के शिवसेना शिंदे गुट में विलय की मंजूरी दी है.

ममता बनर्जी की पार्टी से अलग हुए नेताओं को लोकसभा में सीटिंग की मंजूरी दी गई है. टीएमसी के पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने साथ छोड़ दिया है. उन्होंने एक अलग गुट बना लिया है. इनमें विधायकों की संख्या 60 है, और सांसद की संख्या 20 है. यह सभी सांसदों ने काकोली घोष को अपना नेता माना है.

यह भी पढ़ेंः ‘यह शक पैदा करता है...’ अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर क्या बोले उनके डॉक्टर?

इधर उद्धव ठाकरे भी लगातार पार्टी के पतन का दौर देख रहे हैं. हाल ही में शिवसेना यूबीटी में दूसरी सबसे बड़ी टूट हुई थी. पहले कई विधायक और सांसद अलग होकर शिंदे गुट में सम्मिलित होकर एनडीए में शामिल हो गए थे. अभी हाल ही में 6 सांसदों ने पार्टी को छोड़ दिया. यही हाल ममता बनर्जी की पार्टी का बंगाल में बना हुआ है. 

अभिषेक बनर्जी ने मान्यता न देने की अपील की थी

इधर, टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक पत्र लिखा था. यह पत्र स्पीकर को लिखा था. इस पत्र में अनुरोध किया था कि टीएमसी को अकेली पार्टी माना जाए. अलग गुट को मान्यता न दी जाए. इसके अलावा अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि कानून किसी भी राजनीतिक पार्टी के अलग-अलग ग्रुप में बंटने को सही घटना नहीं मानता. यानी अभिषेक बनर्जी ने अलग गुट को मान्यता न देने को कहा था. 

यह भी पढ़ेंः Exclusive: ‘सोनम के सभी वाइटल्स नॉर्मल हैं, पर...’, सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर वांगचुक की पत्नी का गंभीर आरोप

नवंबर 2025 एबीपी न्यूज नेटवर्क में बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभा रहा हूं. मीडिया का अनुभव करीबन साढ़े 8 साल का है. देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुका हूं. पिछले कुछ सालों में बतौर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर, कंटेंट एडिटर, सब एडिटर और रिजनल टीवी चैनल में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के तौर पर अपनी सेवाएं दी हैं. लेखन, ग्राफिक्स और वीडियो प्रोडक्शन की बारीक समझ है. नेशनल-इंटरनेशनल डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाल चुका हैं. मजा ग्राउंड या एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कवर करने में आता है. साल 2016 में माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी भोपाल से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा. साहित्य पढ़ना, फिल्में देखना, कहानियां-कविताएं लिखना और घूमना विशेष रुचियों में दर्ज है.

Read More

Published at : 18 Jul 2026 07:25 PM (IST)

Breaking News, Anytime, Anywhere - Download ABPLIVE on Android and iOS now!

और पढ़ें

Sponsored Links by Taboola