Updated: Monday, September 7, 2026, 9:31 [IST]
Dhirendra Krishna Shastri Angry On Swara Bhasker: स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने जौहर वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक कार्यक्रम के दौरान एक्ट्रेस ने फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के सीन पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के लिए गलत संदेश देने वाला बताया था। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल में आयोजित हनुमत कथा के दौरान उन्होंने जौहर को कायरता कहे जाने पर अपनी आपत्ति जाहिर की और इसे बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा।
धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के बयान पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित हनुमत कथा के दूसरे दिन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रानी पद्मावती और जौहर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक महिला ने रानी पद्मावती के संदर्भ में जौहर को कायरता बताया है जबकि उनके मुताबिक जौहर को इस नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
'जौहर कायरता नहीं बहादुरी और भक्ति है'
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि जौहर कायरता नहीं बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण का प्रतीक था। धीरेंद्र शास्त्री ने ये भी सवाल उठाया कि जो लोग आस्था और धार्मिक परंपराओं को नहीं समझते, वो जौहर की संस्कृति को कैसे समझ पाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, ये बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?
स्वरा भास्कर के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने साधा निशाना
धीरेंद्र शास्त्री ने बिना नाम लिए एक्ट्रेस स्वरा भास्कर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वो जौहर की परंपरा को समझने में सक्षम नहीं हैं। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वो जौहर के बारे में क्या जानेंगे? उन्होंने कहा कि अगर उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तब भी वह अपनी बात को सच मानते हुए कहेंगे।
नवरात्रि को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने की ऐसी अपील
हनुमत कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्रि को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान देवी की प्रतिमा के आसपास मांसाहारी भोजन की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में लव जिहाद को खत्म करने की बात भी कही। उन्होंने श्रद्धालुओं से नवरात्रि के दौरान देवी की प्रतिमा में मां की उपस्थिति का संकल्प लेने और श्रद्धा के साथ देवी के दर्शन करने की अपील की।
क्यों चर्चा में आया स्वरा भास्कर का पुराना बयान?
-दरअसल स्वरा भास्कर ने करीब 8 साल पहले बॉलीवुड के फेमस फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली को एक खुला पत्र लिखकर पद्मावत मूवी में जौहर की प्रथा वाले सीन पर सवाल उठाए थे। हाल ही में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में एक्ट्रेस ने एक बार फिर उस पत्र और अपनी आपत्ति का जिक्र किया।
-स्वरा भास्कर ने कहा था कि फिल्म पद्मावत में अपनी इज्जत बचाने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं के जौहर करने का सीन समाज को एक गलत मैसेज दे सकता है। उनके मुताबिक ऐसे सीन से ये धारणा बन सकती है कि यौन हिंसा का सामना करने वाली महिला अगर जीवित रहने का फैसला करती है, तो उसे बहादुर या सम्मानित नहीं माना जाएगा।
स्वरा भास्कर ने महिलाओं के अधिकार और जिंदगी को लेकर उठाए सवाल
अपने बयान में स्वरा भास्कर ने सवाल उठाया था कि क्या महिलाओं को ये संदेश दिया जाना चाहिए कि रेप के बाद उनके पास सम्मान के साथ जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने ये भी पूछा था कि क्या यौन हिंसा का शिकार होने के बाद किसी महिला का जीवन खत्म मान लिया जाना चाहिए। इसी पुराने बयान को लेकर अब धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी सामने आई है। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर जौहर, महिलाओं की पसंद और ऐतिहासिक परंपराओं को लेकर बहस तेज हो गई है।