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Success Story: खेतों में किया काम, 16 से 18 घंटे पढ़ाई की, MPPSC क्रैक कर सोनू कुर्मी बने DSP

August 11, 2026

Aug 11, 2026 11:22 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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MPPSC Success Story: किसान के बेटे सोनू कुर्मी ने गरीबी, गंभीर बीमारी और डिप्रेशन जैसी चुनौतियों से लड़कर MPPSC परीक्षा में सफलता हासिल की और मध्य प्रदेश पुलिस में DSP के पद पर चयनित हुए।

DSP Sonu Kurmi

DSP सोनू कुर्मी

DSP Sonu Kurmi Success Story: जब इरादे बुलंद हों और मेहनत में ईमानदारी हो, तो जीवन की सबसे बड़ी से बड़ी रुकावट भी आपके कदमों को नहीं रोक सकती। ऐसी ही एक हौसला बढ़ाने वाली और दिल को छू लेने वाली कहानी है मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले सोनू कुर्मी की। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे सोनू कुर्मी ने आर्थिक तंगी, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक डिप्रेशन का सामना करते हुए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा पास की है और पुलिस में डीएसपी (DSP) के पद पर चयनित हुए हैं।

खेतों में पिता का हाथ बटाया

सोनू कुर्मी एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता पेशे से किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। घर के खर्चों और जरूरतों को समझते हुए सोनू ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेतों में पिता का हाथ बटाया। कड़ी धूप में फावड़ा चलाने और फसलों की देखभाल करने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। वे जानते थे कि उनकी किस्मत और परिवार की स्थिति केवल शिक्षा के बल पर ही बदल सकती है।

बीमारी और डिप्रेशन का दौर

सोनू के संघर्ष की राह केवल आर्थिक तंगी तक सीमित नहीं थी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। शारीरिक बीमारी ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित किया, जिसके कारण वे गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन के शिकार हो गए।

एक समय ऐसा आया जब लगातार असफलता और गिरती सेहत के कारण निराश होना स्वाभाविक था, लेकिन उन्होंने खुद पर से भरोसा नहीं उठने दिया। सही मार्गदर्शन, इच्छाशक्ति और परिवार के अटूट सहयोग की बदौलत उन्होंने डिप्रेशन से बाहर निकलकर दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू की।

MPPSC में परचम फहराकर बने DSP

बीमारी और डिप्रेशन को मात देने के बाद सोनू ने नए सिरे से अपनी रणनीति बनाई। वे रोजाना 16 से 18 घंटे तक पढ़ाई में जुट गए। एमपी पीसीएस क्रैक करना आसान नहीं था और सोनू कुर्मी को पहले प्रयास में असफलता मिली। उन्होंने अपनी गलतियों से सीख ली और हार माने बिना दोगुनी मेहनत से दोबारा तैयारी की। दूसरे प्रयास में MPPSC PCS 2015 परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल कर वे आखिरकार DSP बन गए।

विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी संदेश

डीएसपी सोनू कुर्मी की सफलता यह सिखाती है कि असफलता या विपरीत परिस्थितियां आपके जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं होतीं। यदि आपके पास धैर्य और निरंतरता है, तो बीमारी हो या आर्थिक तंगी, कोई भी बाधा आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। सोनू की यह सफलता देश के उन लाखों छात्रों के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों के सामने हार मान लेते हैं।

लेखक के बारे में

Prachi

शॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।

अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।

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प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।

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प्राची का मानना है कि करियर चुनना केवल एक नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही दिशा में अपना भविष्य सुरक्षित करना है। उनका उद्देश्य है कि हर छात्र और अभ्यर्थी तक बिना किसी भ्रम के, सटीक और सही समय पर जानकारी पहुंचे। वे पारदर्शिता और विश्वसनीयता को डिजिटल पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत मानती हैं।

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इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है, जो उनके लेखन में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।

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