Aug 28, 2026 10:48 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

बृजेश ने कंटेम्परेरी, जैज, बैले और मॉडर्न डांस की ट्रेनिंग ली। उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, इटली, मेक्सिको और इजराइल के इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स से भी डांस सीखा।वह मशहूर डांसर और कोरियोग्राफर शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस के साथ भी बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम कर चुके हैं।

बृजेश परमार की सक्सेस स्टोरी
कहते हैं कि कामयाबी ही उन लोगों के लिए वो सही जवाब है, जो हमेशा आपके ऊपर सवालिया निशान लगाते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी राजस्थान के आएएस अधिकारी बृजेश परमार की है। जब वो 12वीं के बाद एक बार फिर बीए फर्स्ट ईयर में फेल हुए और फिर डांसर बनने का फैसला किया, तो लोग उनका मजाक बनाने लगें और यहां तक कह डाला कि 'क्या अब तू नाचने वाला बनेगा?' लेकिन इन सबके आगे वो ना झुके और ना ही हिम्मत हारी। आखिरकार बृजेश परमार ने अपनी कामयाबी से हर किसी को जवाब दिया। इन्होंने एक बार नहीं, बल्कि दो बार राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास की। पहले प्रयास में वे कोऑपरेटिव सोसाइटी में इंस्पेक्टर और दूसरे प्रयास में तहसीलदार बन गए। इनकी कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं हैं। चलिए आज सक्सेस स्टोरी में बात आरएएस अफसर बृजेश परमार की होगी।
कौन हैं बृजेश परमार
बृजेश परमार राजस्थान के सिरोही की एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता CISF में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। जब गांव और आसपास के लोगों को पता चला कि बृजेश ने राजस्थान की प्रतिष्ठित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा पास कर ली है, तो हर कोई हैरान रह गया। इसकी वजह उनका पुराना रिकॉर्ड था। बृजेश 12वीं और ग्रेजुएशन में फेल हो चुके थे। ऐसे में किसी को उम्मीद नहीं थी कि कभी पढ़ाई में असफल रहा यह लड़का RAS जैसी कठिन परीक्षा पास कर अफसर बनेगा।
डांस के चक्कर में 12वीं में फेल
बता दें कि वो एक प्रोफेशनल डांसर भी हैं। डांस करने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली। एनडीटीवी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक उनके पिता भी एक बेहतरीन डांसर हैं। बस उन्हीं से प्रेरित होकर बृजेश ने दसवीं कक्षा में ही डांस क्लास जॉइन की थी। जैसे-तैसे 11वीं कक्षा तो पास हो गई, मगर डांस में अत्यधिक समय देने की वजह से वह 12वीं में फेल हो गएष 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित तीनों विषयों में उनके तीन-तीन नंबर ही आए।
बीए फर्स्ट ईयर में फेल
इसके बाद उन्होंने स्ट्रीम बदली और फिर 12वीं पास की। लेकिन फेलियर ने उन्हें तोड़ दिया था, खुद पर से विश्वास उठने लगा था। बीए प्रोग्राम में एडमिशन लेने के बाद भी उनका पढ़ाई से मन हट गया था। बीए फर्स्ट ईयर में वे इतना फ्रस्टेट हो गए थे कि अक्सर सिर्फ 30 मिनट में टीचर को आंसरशीट थमाकर बाहर आ जाते थे। इस वजह से कॉलेज के पहले साल में भी फेल हो गए। हालांकि, बाद में उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। लेकिन तब भी पहले जैसा कुछ नहीं था।
एक तरफ जहां उनका एकडेमिक पढ़ाई दम तोड़ रहा था, तो दूसरी तरफ डांस के प्रति उनका लगाव बढ़ रहा था। फिर, उन्होंने अपने पिता को बताया कि वो डांस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। पिता ने भी कोई सवाल नहीं किया और बेटे को अपने सपने पूरे करने की आजादी दे दी। बृजेश डांस ट्रेनिंग के लिए दिल्ली आ गए और फेमस कोरियोग्राफर एशले बोलों की डांस कंपनी 'द डांसवर्क्स' का प्रोफेशनल डांस सर्टिफिकेशन कोर्स (PDCP) में एडमिशन लिया।
कई दिग्गज के साथ किया डांस
बृजेश ने कंटेम्परेरी, जैज, बैले और मॉडर्न डांस की ट्रेनिंग ली। उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, इटली, मेक्सिको और इजराइल के इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स से भी डांस सीखा। अपने हुनर और मेहनत के दम पर उन्होंने जल्द ही देश के बड़े डांसर्स और कलाकारों के बीच पहचान बना ली। वह मशहूर डांसर और कोरियोग्राफर शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस के साथ भी बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम कर चुके हैं।
पिता ने दिया साथ
लेकिन फिर कोविड-19 में लॉकडाउन लगा, तो लाखों लोग अपने घर लौट रहे थे। बृजेश को भी सब कुछ छोड़कर वापस आना पड़ा। गांव वालों ने उनसे पूछा कि क्या करते हो तो उन्होंने बताया कि डांसर हूं। लेकिन लोगों ने पूछा कि कमाने के लिए क्या करते हो? लोगों के तानों ने उन्हें अंदर तक चोट पहुंचाई। उसी अपमान को उन्होंने ताकत बना लिया। तब भी पिता ने साथ नहीं छोड़ा। हमेशा बेटे का मनोबल बढ़ाया।
कोविड के दौरान मिली नई राह
कोविड के दौर में बृजेश को UPSC और RAS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इंटरनेट पर कई वीडियो देखे और खास तौर पर एजुकेटर डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के लेक्चर से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। यहीं से उनके जीवन को एक नई दिशा मिली।
बृजेश ने दोबारा किताबें उठाईं और RAS परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। शुरुआत आसान नहीं थी, क्योंकि उन्हें काफी कुछ बिल्कुल शुरुआत से पढ़ना था। शुरुआती दौर में कई परेशानियां आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे मॉक टेस्ट में उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा।
कोचिंग ज्वाइन की
इसके बाद उन्होंने कोचिंग भी ज्वाइन की। कुछ ही महीनों में उनके नंबर लगातार सुधरने लगे। उनके प्रदर्शन को देखकर कोचिंग के शिक्षकों को भी भरोसा हो गया कि बृजेश RAS परीक्षा जरूर पास कर सकते हैं।
लगातार दो बार क्रैक किया RAS एग्जाम
शिक्षकों का यह भरोसा जल्द ही सही साबित हुआ। साल 2023 में बृजेश ने अपने पहले प्रयास में RAS परीक्षा पास कर ली और सहकारिता विभाग में कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हुए। लेकिन उन्होंने यहीं रुकने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी। अगले ही साल 2024 में उन्होंने दोबारा RAS परीक्षा क्रैक कर ली। उनकी कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है।