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Strait of Hormuz Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा कदम, होर्मुज मार्ग पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक - Haribhoomi

July 16, 2026

पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण सैन्य संघर्ष और समुद्री जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।

DGMA Shipping Advisory

डीजीएमए ने निर्देश दिया है कि जहाजों के संचालन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की जाने वाली नेविगेशन चेतावनियों पर नजर रखी जाए।

  • Published: 16 Jul 2026, 05:04 PM IST
  • Last Updated: 16 Jul 2026, 05:07 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते सैन्य खतरों के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। नौवहन क्षेत्र की शीर्ष नियामक संस्था, महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए सभी जहाज मालिकों, जहाज प्रबंधन कंपनियों और चालक दल की भर्ती करने वाली एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

इन निर्देशों के तहत अगले आधिकारिक आदेश तक फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले सबसे संवेदनशील 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से गुजरने वाले किसी भी व्यावसायिक पोत या मालवाहक जहाज पर भारतीय नाविकों की तैनाती पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है।

STORY | Avoid deploying Indian sailors on vessels moving via Strait of Hormuz: DGMA to shipping cos

The Directorate General of Maritime Administration (DGMA) has directed ship owners, ship managers and recruitment and placement service companies to avoid deploying Indian sailors… pic.twitter.com/I3Dw72yYcY

— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026

खाड़ी के देशों में चल रहे जहाजों के कप्तानों को सर्वोच्च सतर्कता बरतने के निर्देश; अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कोड लागू करने के आदेश
महानिदेशालय द्वारा जारी इस आधिकारिक सुरक्षा गाइडलाइन में फारस की खाड़ी, होर्मुज जलसंधि और उसके आसपास के पूरे प्रभावित समुद्री क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी जहाजों के कप्तानों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। डीजीएमए ने निर्देश दिया है कि जहाजों के संचालन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की जाने वाली तात्कालिक नेविगेशन चेतावनियों और सुरक्षा अपडेट पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए।

इसके साथ ही, किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति या हमले से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय पोत एवं बंदरगाह सुरक्षा (ISPS) कोड के तहत निर्धारित सभी कड़े सुरक्षा मानकों और रक्षात्मक उपायों को तत्काल प्रभाव से पोतों पर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो जहाजों पर हुए हालिया हमलों में एक भारतीय की मौत और 10 के घायल होने के बाद सरकार ने लिया यह कड़ा फैसला
भारत सरकार का यह सख्त कदम हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में 'एमटी अल बहियाह' और 'एमटी मोम्बासा' नाम के दो बड़े वाणिज्यिक जहाजों पर हुए घातक मिसाइल व ड्रोन हमलों की पृष्ठभूमि में आया है। इन दोनों प्रभावित जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 30 चालक दल के सदस्य भारतीय नागरिक थे।

इस भयानक समुद्री हमले के दौरान 'एमटी अल बहियाह' पर तैनात एक भारतीय नाविक की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया था। वहीं दूसरी तरफ, 'एमटी मोम्बासा' पर सवार चालक दल में शामिल 9 अन्य भारतीय नाविक भी बुरी तरह घायल हुए थे। इन दुखद घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा नीतियों के तहत नाविकों को इस डेंजर जोन से दूर रखने का फैसला किया है।

जहाजों की रियल-टाइम निगरानी के लिए बनेगा केंद्रीय डैशबोर्ड
इन गंभीर हमलों का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने समुद्री महानिदेशालय को एक अत्याधुनिक और एकीकृत रियल-टाइम डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करने के आदेश जारी किए हैं। इस केंद्रीय प्रणाली के माध्यम से फारस की खाड़ी, होर्मुज जलसंधि और ओमान की खाड़ी जैसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में मौजूद हर एक जहाज की लाइव लोकेशन को ट्रैक किया जा सकेगा।