उदयपुर में 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मामले और 272 भूखंडों से जुड़े घोटाले की जांच को लेकर भाजपा विधायक ने एसओजी को घेरा। भाजपा विधायक ताराचंद जैन ने SOG पर भ्रष्ट अफसरों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
.
जैन ने आरोप लगाया कि एसओजी इस घोटाले में शामिल भ्रष्ट अफसरों को बचाने का प्रयास कर रही है। विधायक ने मामले की जांच रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है।
एसीबी उदयपुर ने दो करोड़ की रिश्वत मामले में SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी को रविवार दोपहर गिरफ्तार किया था। इससे पहले शनिवार को एसीबी ने एएसपी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते पकड़ा था।

हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से करवाई जाए मामले की जांच
दरअसल, उदयपुर शहर के बहुचर्चित 272 भूखंड घोटाला प्रकरण में निष्पक्ष जांच को लेकर शहर विधायक ताराचंद जैन ने सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखा है। पत्र के जरिए विधायक ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में करवाई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
विधायक जैन ने जांच अधिकारी और एसओजी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व में इस प्रकरण की जांच एसओजी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार सोनी को सौंपी थी, जिन पर पहले से ही अपराधियों की मदद करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं।
भ्रष्ट और विवादित अधिकारी को जांच देने पर उठाए सवाल
विधायक जैन ने हाल ही में ट्रैप हुए एसओजी के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी के अतीत का हवाला देते हुए कहा कि सांचौर के सस्पेंडेड टीचर मनोहर भादु ने आत्महत्या से पहले अपने सुसाइड नोट में एसपी सोनी पर शिक्षक भर्ती और डमी कैंडिडेट मामले में झूठा नाम फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगने के संगीन आरोप लगाए थे।
इसके अलावा, वर्ष 2022 में हाईकोर्ट ने नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े एक मामले में एडिशनल एसपी सोनी के खिलाफ सख्त टिप्पणी करते हुए उन्हें अजमेर रेंज से बाहर भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें बांसवाड़ा और फिर उदयपुर एसओजी में तैनात किया गया, जहां हाल ही में उन्हें दो करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया।

272 भूखंड घोटाले में अब तक 11 लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी
विधायक जैन ने पत्र में उल्लेख किया कि 272 भूखंड घोटाले में एसओजी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में लिप्त किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसओजी इस घोटाले में शामिल भ्रष्ट अफसरों को बचाने का प्रयास कर रही है।
विधानसभा के आश्वासन की दिलाई याद
विधायक ताराचंद जैन ने सरकार को याद दिलाया कि 2 अगस्त 2024 को विधानसभा में नगरीय विकास (UDH) मंत्री ने यह आश्वस्त किया था कि 31 दिसंबर 2024 से पहले इस प्रकरण में लिप्त सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश कर दिया जाएगा।
जैन ने कहा कि इसके बावजूद, इस घोटाले में मुख्य रूप से शामिल IAS अधिकारी हिम्मत सिंह बारहठ और नगर निगम के अन्य दोषी अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में पारदर्शी जांच के आदेश दिए जाएं।
--------------------
संबंधित ये खबरें भी पढ़ें...
उदयपुर- 2 करोड़ रिश्वत मामले में ASP गिरफ्तार:ACB ने दलाल को घूस लेते पकड़ा था; 272 प्लॉट घोटाला केस में FR के लिए हुई थी डील

एसीबी उदयपुर ने दो करोड़ की रिश्वत मामले में SOG के एडिशनल SP मुकेश कुमार सोनी को रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले शनिवार को एसीबी ने एएसपी के दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ की रिश्वत लेते पकड़ा था। (पूरी खबर पढ़ें)
2 करोड़ रिश्वत केस: ASP ने सोने की घड़ी-बैंगल गायब की:आरोप- रिकॉर्ड में नहीं दिखाया, 30 सितंबर से पहले रुपए देने को कहा था

उदयपुर में दो करोड़ रिश्वत मामले में गिरफ्तार SOG के एएसपी मुकेश कुमार सोनी और उसके दलाल सज्जन सिंह जैन से जुड़े कई खुलासे हुए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)