केंद्र सरकार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और मोबाइल की बढ़ती लत को रोकने के लिए स्मार्टफोन में डिवाइस स्तर पर ‘माइनर मोड’ अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
अब बच्चों के फोन पर होगी सख्त निगरानी!
- Published: 20 Jul 2026, 03:48 PM IST
- Last Updated: 20 Jul 2026, 03:48 PM IST
बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और ऑनलाइन जोखिमों को देखते हुए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार भारत में बिकने वाले नए स्मार्टफोन में एक विशेष ‘माइनर मोड’ अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। इस फीचर का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित माहौल देना और माता-पिता को बेहतर नियंत्रण उपलब्ध कराना है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो नए स्मार्टफोन में बच्चों के लिए पहले से ही कई सुरक्षा सुविधाएं मौजूद होंगी।
बच्चों की सुरक्षा के लिए नया प्लान
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, स्मार्टफोन कंपनियों को डिवाइस स्तर पर ऐसा सिस्टम देना होगा जिससे माता-पिता बच्चों के मोबाइल उपयोग को नियंत्रित कर सकें। इससे बच्चों की स्क्रीन टाइम आदतों पर नजर रखना आसान हो जाएगा।
क्या-क्या होगा माइनर मोड में?
माइनर मोड के तहत कई महत्वपूर्ण फीचर दिए जा सकते हैं, जैसे:
- ऐप डाउनलोड पर नियंत्रण या प्रतिबंध
- रोजाना स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने की सुविधा
- देर रात फोन और सोशल मीडिया उपयोग पर रोक
- उम्र के अनुसार ऐप और कंटेंट की उपलब्धता
- हानिकारक या अनुचित सामग्री को फिल्टर करने का विकल्प
माता-पिता को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
इस फीचर की मदद से अभिभावक यह तय कर सकेंगे कि बच्चा कौन-से ऐप इस्तेमाल कर सकता है और कितना समय मोबाइल पर बिता सकता है। इससे बच्चों के डिजिटल व्यवहार को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
पढ़ाई और इमरजेंसी सुविधाएं रहेंगी चालू
सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मोड के तहत शिक्षा से जुड़े ऐप और आपातकालीन संपर्क सुविधाएं प्रभावित नहीं होंगी। यानी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी।
क्यों जरूरी माना जा रहा है यह कदम?
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया की लत और ऑनलाइन खतरों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डिवाइस स्तर पर सुरक्षा फीचर लागू करने से डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और जिम्मेदार मोबाइल उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।