कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की संभावनाओं के कारण आसपास की जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। जमीन की बढ़ती मांग और भविष्य में बड़े निवेश की उम्मीद से इस इलाके में जमीन के सौदे आकर्षक हो गए हैं। इसी बीच, कृषि भूमि खरीदने के लिए नियमों को तोड़ने के कथि
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एक ताजा मामले में एक महिला पर चौंकाने वाले आरोप लगे हैं। आरोप है कि उसने कृषक बनने के लिए दूसरे व्यक्ति की पत्नी की पहचान अपनाई और कृषक प्रमाणपत्र हासिल कर लिया। बाद में इसी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कृषि भूमि खरीदने के लिए किया गया। यह मामला SIT की जांच में सामने आया, जिसकी छठी स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने FIR दर्ज की है।
किसान बोला- उसकी पत्नी का नाम अंजू देवी
जांच के मुताबिक, आरोपी महिला अनु गोयल ने 16 मई 2020 को कृषक प्रमाणपत्र लेते समय खुद को राजेश कुमार की पत्नी बताया था। प्रमाणपत्र में जमीन का मालिकाना हक भी दिखाया गया था। जब राजस्व रिकॉर्ड की जांच हुई, तो वह जमीन राजेश कुमार के नाम पर मिली।
राजेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी का नाम तो अंजू देवी है और अनु गोयल उनकी पत्नी नहीं हैं। आरोप है कि कृषि भूमि खरीदने की योग्यता पाने के लिए पहचान और वैवाहिक संबंध तक बदल दिए गए।
FIR के अनुसार, इसी कथित प्रमाणपत्र के आधार पर महाल कोहाला खास में कृषि भूमि खरीदी गई। इसके बाद, इसी जमीन के आधार पर दूसरा कृषक प्रमाणपत्र हासिल करने का भी आरोप है। फिर 4 मई 2023 को महाल पतारकर, पटवार सर्किल मातौर में करीब 00-08-10 हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि खरीदने का मामला सामने आया।
विजिलेंस अब यह भी जांच रही है कि इस पूरे खेल में राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
महिला के नाम जमीन, भुगतान कंपनी से
जांच का एक अहम सिरा जमीन की कीमत के भुगतान से जुड़ा है। FIR में आरोप है कि जमीन खरीद की रकम महिला के अपने फंड से नहीं, बल्कि मैसर्स ए वोन सेल्स इंडिया के बैंक खाते से चेक और नकद के जरिए दी गई। इससे जमीन खरीद के पीछे वास्तविक धन स्रोत और लाभार्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
SIT जांच में पहले भी FIR
खास बात यह है कि SIT की इस जांच में इससे पहले भी संदिग्ध बेनामी जमीन सौदे को लेकर FIR दर्ज हो चुकी है। अब दूसरी FIR में दूसरे व्यक्ति की पत्नी बनकर कृषक प्रमाणपत्र हासिल करने का आरोप सामने आने से एयरपोर्ट विस्तार क्षेत्र में जमीन खरीद के पूरे नेटवर्क पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
विजिलेंस अब कृषक प्रमाणपत्र से लेकर रजिस्ट्री, राजस्व रिकॉर्ड और बैंक खातों तक की कड़ियां जोड़ रही है। जांच आगे बढ़ने पर इस कथित जमीन खेल में और नाम सामने आने की संभावना है।