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- Edited by: पुष्पेंद्र कुमार
- Updated Jul 11, 2026, 05:02 PM IST
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) कश्मीर ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने 2013 के चर्चित ह्यगाम (तरज़ू) आतंकी हमले के मुख्य आरोपी और हिजबुल मुजाहिदीन के खूंखार कमांडर इम्तियाज अहमद कांदू के खिलाफ इंटरपोल का 'रेड कॉर्नर नोटिस' (RCN) जारी करवाया है।
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हिजबुल आतंकी इम्तियाज कंडू
जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) कश्मीर को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (HM) के नामित आतंकवादी इम्तियाज अहमद कंडू उर्फ फैयाज उर्फ सज्जाद के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करवाया है। यह कार्रवाई वर्ष 2013 में सोपोर के हाइगाम (तरजू) में हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान की गई है।
क्या है पूरा मामला?
26 अप्रैल 2013 को सोपोर के पीर मोहल्ला, ह्यगाम में आतंकवादियों ने पुलिस पार्टी पर कायराना हमला किया था। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जांबाज शहीद हो गए थे। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, 2024 में इसकी जांच का जिम्मा SIA कश्मीर को सौंपा गया था।
जांच में क्या निकला?
SIA ने वैज्ञानिक तरीकों और गहन जांच के जरिए इस साजिश का पर्दाफाश किया। जुलाई 2024 में एजेंसी ने कुल छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में शामिल दो आरोपी (तारिक अहमद मीर और कय्यूम नजर) सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। वहीं, तीन अन्य आरोपी—जाविद अहमद मट्टू, रऊफ नजर और अहमदुल्लाह मल्ला—को गिरफ्तार किया गया है और वे फिलहाल अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। सोपोर के रहने वाला इम्तियाज अहमद कांदू (उर्फ फैयाज/सज्जाद) लंबे समय से फरार है। जांच में यह पुष्टि हुई है कि वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है।
आतंक का पर्याय है कांदू
इम्तियाज अहमद कांदू 2010 से ही हिजबुल मुजाहिदीन के लिए सक्रिय है। वह केवल ह्यगाम हमले का ही आरोपी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ हत्या, हथियारों की तस्करी और नारको-टेरर फंडिंग के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। इन आतंकी गतिविधियों में 15 से ज्यादा लोगों की जान गई है। उसकी इन्हीं हरकतों के कारण भारत सरकार ने अक्टूबर 2022 में उसे 'डेजिग्नेटेड इंडिविजुअल टेररिस्ट' घोषित किया था।
अब आगे क्या?
इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने का मतलब है कि अब दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियां इम्तियाज कांदू की धरपकड़ में भारत का सहयोग करेंगी। इससे उसके प्रत्यर्पण (Extradition) का रास्ता साफ हो गया है। SIA कश्मीर के इस कदम को सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है, जो यह संदेश देता है कि सीमा पार छिपे आतंकवादियों को अब कानून से कोई नहीं बचा सकता।
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पुष्पेंद्र कुमार author
पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें
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