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चंडीगढ़ में SC सीटों की MBBS काउंसलिंग पर रोक, हाईकोर्ट ने भेजा प्रशासन को नोटिस, जानें पूरा मामला

August 25, 2026

Aug 25, 2026 04:23 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मामला उन उम्मीदवारों से जुड़ा है, जिन्हें चंडीगढ़ प्रशासन ने ‘माइग्रेंट एससी कैंडिडेट’ बताते हुए एससी कोटे के लिए अयोग्य कर दिया था।

Chandigarh GMCH MBBS Admission

SC सीटों की एणबीबीएस काउंसलिंग पर रोक

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में SC (अनुसूचित जाति) कोटे की एमबीबीएस सीटों पर काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। मामला उन उम्मीदवारों से जुड़ा है, जिन्हें चंडीगढ़ प्रशासन ने ‘माइग्रेंट एससी कैंडिडेट’ बताते हुए एससी कोटे के लिए अयोग्य कर दिया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे चंडीगढ़ के ही रहने वाले और यहां पढ़ाई करने वाले उम्मीदवार हैं। उन्होंने नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई चंडीगढ़ में की है और उनके पास चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा जारी एससी प्रमाणपत्र भी हैं। ऐसे में उन्हें चंडीगढ़ का वास्तविक निवासी उम्मीदवार माना जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 200 सीटें हैं। इनमें 23 सीटें एसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, 8 अगस्त को जारी एमबीबीएस प्रवेश प्रॉस्पेक्टस में बताया गया था कि चंडीगढ़ प्रशासन से जारी एससी प्रमाणपत्र रखने वाले उम्मीदवार यूटी के एससी कोटे में आवेदन कर सकते हैं। वहीं, दूसरे राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों से जारी एससी प्रमाणपत्र वाले उम्मीदवारों को जनरल कटेगरी में रखा जाना था। लेकिन 20 अगस्त को जारी एमबीबीएस मेरिट लिस्ट में कुछ उम्मीदवारों को ‘माइग्रेंट एसी कैंडिडेट’ बताकर SC कोटे के लिए अयोग्य कर दिया गया। इसके बाद उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई?

उम्मीदवारों के वकीलों ने कहा कि प्रशासन काउंसलिंग शुरू होने के बाद बीच में नियम नहीं बदल सकता। अगर एससी उम्मीदवारों के लिए कोई नई शर्त थी, तो उसे पहले ही प्रवेश प्रॉस्पेक्टस में स्पष्ट किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ता ने यह भी दलील दी कि चंडीगढ़ ने अभी तक माइग्रेंट एससी उम्मीदवारों को आरक्षण से बाहर करने संबंधी केंद्र सरकार के विशेष निर्देशों को लागू नहीं किया है। मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया और एससी कोटे की एमबीबीए काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगा दी।

380 एमबीबीएस सीटों की काउंसलिंग हुई

वहीं, 24 अगस्त को नीट यूजी 2026 के तहत 380 पात्र एमबीबीएस सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की गई। चंडीगढ़ के जनरल UT पूल और एनआरआई श्रेणी की सभी सीटें भर गईं। जनरल UT पूल की कटऑफ 542 अंक रही। यानी इस श्रेणी में एमबीबीएस सीट पाने वाले अंतिम उम्मीदवार के नीट यूजी 2026 में 542 अंक थे। वहीं, आरक्षित वर्ग की 23 सीटों पर दाखिला बाकी है। इन सीटों के लिए दूसरी काउंसलिंग होगी, जिसकी तारीख कॉलेज प्रशासन की ओर से बाद में जारी की जाएगी।

पिछले साल से बढ़ी कटऑफ

इस साल जनरल यूटी पूल की कटऑफ पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ी है। 2025 में यह कटऑफ 513 अंक थी, जबकि इस बार 542 अंक रही। यानी इस साल कटऑफ में 29 अंकों की बढ़ोतरी हुई है।