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जजों तक पहुंचाया जाए मेरा बयान...एमए बेबी ने SC को बताया 'सुप्रीम फेल्योर', बोले- सजा मिली तो पुरस्कार मानूंगा

October 20, 2026

जजों तक पहुंचाया जाए मेरा बयान…एमए बेबी ने SC को बताया ‘सुप्रीम फेल्योर’, बोले- सजा मिली तो पुरस्कार मानूंगा

एमए बेबी और सुप्रीम कोर्टImage Credit source: ANI/PTI

माकपा (CPI-M) के महासचिव, पूर्व सांसद और विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं के प्रमुख याचिकाकर्ता एमए बेबी ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट जिस तरह अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है, उससे लोगों को यह कहने पर मजबूर होना पड़ सकता है कि आज का सुप्रीम कोर्ट ‘सुप्रीम फेल्योर’ है. एक मलयालम समाचार चैनल से बातचीत में बेबी ने कहा कि उनकी इस टिप्पणी का अनुवाद कर सुप्रीम कोर्ट के जजों तक पहुंचाया जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस बयान पर स्वतः संज्ञान लेकर उन्हें अदालत की अवमानना के लिए सजा देता है, तो वह इसे अपने राजनीतिक जीवन का अब तक का सबसे बड़ा पुरस्कार मानेंगे. एमए बेबी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो, रेलवे और इंटरनेट सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

कपिल सिब्बल की मांग पर SC ने की थी तत्काल सुनवाई

बीते 9 अक्टूबर को उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार की थी. मामला उस दिन की सूची में शामिल नहीं होने के बावजूद वकील कपिल सिब्बल की तत्काल उल्लेख की मांग पर कोर्ट ने सुनवाई की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या निर्देश दिए थे?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो सेवाओं और नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के आगमन पर पूर्ण रोक को प्रशासनिक अधिकारों का अतिक्रमण बताया था. कोर्ट ने विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट बंद करने का आदेश हटाने, बैरिकेडिंग कम करके यातायात सुचारु रखने और आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश भी दिए थे. इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ी शिकायतों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था.

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पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

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