सावन मास में पड़ने वाली कामिका एकादशी भगवान विष्णु के साथ-साथ शिव आराधना के लिए भी बहुत खास मानी जाती है। अगर आप दिन में पूजा नहीं कर पाए हैं, तो शाम के समय प्रदोष काल में कुछ सरल उपाय करके भोलेनाथ की कृपा पा सकते हैं।
Sawan Kamika Ekadashi : सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का समय माना जाता है। जब इस महीने में एकादशी जैसा पवित्र दिन आता है, तो इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
आज सावन की कामिका एकादशी है। यह दिन भगवान विष्णु और भोलेनाथ दोनों की आराधना के लिए बेहद शुभ माना गया है।
अगर आप किसी वजह से सुबह शिवलिंग का पूजन या जलाभिषेक नहीं कर सके हैं, तो चिंता की बात नहीं है।
सावन एकादशी की शाम को प्रदोष काल में भी पूजा करके आप शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
जल और काले तिल से करें अभिषेक
सावन एकादशी के दिन शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है। एक तांबे या साफ लोटे में शुद्ध जल लें और उसमें थोड़े से काले तिल मिला लें।
शांतिपूर्ण मन से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए शिवलिंग पर यह जल अर्पित करें। काले तिल का संबंध शनि दोष की शांति और कष्टों को कम करने से माना जाता है। यह उपाय आप दिन में या शाम के समय कभी भी कर सकते हैं।
शिवजी की प्रिय वस्तुएं करें अर्पित
पूजा के दौरान दिखावे से ज्यादा भावना का महत्व होता है। भोलेनाथ को सरल और सहज चीजें बहुत प्रिय हैं।
बेलपत्र को साफ जल से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। शमी के पत्ते, धतूरा और भांग भी शिवजी को अत्यंत प्रिय हैं।
अगर संभव हो तो किसी बेलपत्र या फूल पर एक बूंद शहद लगाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
मान्यता है कि ये वस्तुएं श्रद्धापूर्वक अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है।
प्रदोष काल में दीपदान का महत्व
शाम के समय जब दिन और रात का मिलन होता है, उस समय को प्रदोष काल कहा जाता है। सावन एकादशी की शाम को शिव मंदिर में या बेलपत्र के पेड़ के नीचे देशी घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना गया है।
दीपदान करते समय शांत भाव से अपनी मनोकामना का ध्यान करें।
मंत्र जाप से मिलेगी मानसिक शांति
पूजा के समय एकाग्रता सबसे जरूरी है। घर पर बैठकर या मंदिर में ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का शांत मन से जाप करें। मंत्रों का जप मन के तनाव को कम करता है और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
सावन एकादशी पर किए गए यह छोटे और सरल उपाय किसी कठिन नियम के बिना भी आपकी भक्ति को सार्थक बनाते हैं।