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Sawan Ka Dusra Somwar 2026: सावन का दूसरा सोमवार आज, इन चीजों से करें शिवलिंग का अभिषेक - Haribhoomi

August 10, 2026

Sawan Somwar 2026: आज 10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है। जानें शिवलिंग पर जलाभिषेक के साथ दूध, दही, शहद, गन्ने का रस और बेलपत्र चढ़ाने की धार्मिक मान्यताएं।

Sawan Ka Dusra Somwar 2026

Sawan Ka Dusra Somwar 2026

  • Published: 10 Aug 2026, 11:34 AM IST
  • Last Updated: 10 Aug 2026, 11:34 AM IST

Sawan Ka Dusra Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। सावन के सोमवार को शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। आज 10 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार को श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा करने और शिवलिंग पर प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से मन को शांति मिलती है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गंगाजल से करें शिवलिंग का अभिषेक
शिव पूजा में गंगाजल को पवित्र माना जाता है। सावन सोमवार को शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगाजल से अभिषेक करने से मन की शुद्धि और सकारात्मकता की कामना की जाती है।

दूध से अभिषेक करना शुभ
सावन सोमवार की पूजा में दूध का भी इस्तेमाल किया जाता है। भक्त शिवलिंग पर दूध अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इसे सुख, शांति और समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है। दूध अर्पित करने के बाद शिवलिंग को साफ जल से स्नान कराना उचित माना जाता है।

दही और शहद भी कर सकते हैं अर्पित
भगवान शिव की पूजा में दही और शहद चढ़ाने की भी परंपरा है। मान्यता के अनुसार दही को स्थिरता और सुख से, जबकि शहद को जीवन में मधुरता से जोड़कर देखा जाता है। यदि दही या शहद से अभिषेक करें तो इसके बाद शिवलिंग को साफ जल से धोकर पूजा आगे बढ़ाई जा सकती है।

गन्ने के रस से अभिषेक
कुछ धार्मिक परंपराओं में शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाने का भी उल्लेख मिलता है। इसे सुख-समृद्धि और मनोकामना से जोड़कर देखा जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और स्थानीय पूजा परंपरा के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

बेलपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है शिव पूजा
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा है। बेलपत्र अर्पित करते समय साफ और साबुत पत्तों का इस्तेमाल करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार तीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय माना जाता है।

शिवलिंग पर ये चीजें भी चढ़ाएं
सावन सोमवार की पूजा में जलाभिषेक के बाद भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते और सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद चंदन लगाकर भगवान शिव का ध्यान किया जाता है।

पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल अर्पित कर सकते हैं।

11 अगस्त को सावन शिवरात्रि
सावन के दूसरे सोमवार के अगले ही दिन यानी 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। भगवान शिव की आराधना के लिए सावन शिवरात्रि का भी विशेष महत्व माना जाता है।

इस दिन कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं। कुछ स्थानों पर रात में चार प्रहर की पूजा करने की परंपरा भी है। भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की पूजा करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और नियमों का पालन है। इसलिए अपनी पारिवारिक और स्थानीय परंपरा के अनुसार भगवान शिव की आराधना करना उचित माना जाता है।