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Sawan 2026: बिना कांवड़ लाए भी मिलेगी महादेव की कृपा, सावन में बस करें ये काम

August 4, 2026

Sawan 2026: बिना कांवड़ लाए भी मिलेगी महादेव की कृपा, सावन में बस करें ये काम

सावन 2026Image Credit source: PTI

Kanwar Yatra 2026: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे खास माना जाता है. इस पवित्र महीने में देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा. इस दौरान कोई शिवलिंग पर जल चढ़ाकर भोलेनाथ को प्रसन्न करने की कोशिश करता है तो कोई व्रत रखकर महादेव की आराधना करता है. वहीं, लाखों शिव भक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और पवित्र नदियों से गंगाजल लेकर शिवालय पहुंचते हैं. इसके बाद उस जल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है. लेकिन हर व्यक्ति के लिए कांवड़ यात्रा पर जाना संभव नहीं होता. इसलिए कई लोग चाहकर भी कांवड़ नहीं ला पाते. ऐसे में आइए जानते हैं कि सावन में बिना कांवड़ लाए महादेव की कृपा पाने के लिए कौन-कौन से काम किए जा सकते हैं.

शिवलिंग पर जल चढ़ाकर करें महादेव की पूजा

भगवान शिव की पूजा में जलाभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है. कांवड़ यात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं तो आप अपने घर के पास स्थित किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित कर सकते हैं. सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर मंदिर जाएं और श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.

सावन सोमवार का व्रत रखें

सावन के सोमवार भगवान शिव को समर्पित माने जाते हैं. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं. अगर आप कांवड़ नहीं ला सकते तो सावन के सोमवार का व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना कर सकते हैं.

ओम नमः शिवाय का जाप करें

सावन में भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. इस मंत्र का जाप करने के लिए किसी विशेष मंदिर या तीर्थ स्थान पर जाना जरूरी नहीं है. आप सुबह पूजा के समय घर पर बैठकर शांत मन से मंत्र का जाप कर सकते हैं.

शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें

भगवान शिव को बेलपत्र बहुत ही प्रिय माना जाता है. सावन के महीने में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने की विशेष परंपरा है. मान्यता है कि बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के त्रिशूल और त्रिदेव का प्रतीक मानी जाती हैं. भक्त श्रद्धा के साथ बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करते हैं और भगवान शिव से सुख-शांति की कामना करते हैं.

जरूरतमंदों को भोजन कराएं

सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ सेवा और दान को भी पुण्यदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जरूरतमंदों की मदद करना ईश्वर की सेवा के समान है. आप अपनी क्षमता के अनुसार किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन करा सकते हैं. इसके अलावा अनाज, कपड़े या जरूरत की अन्य वस्तुएं भी दान कर सकते हैं.

कांवड़ियों और शिव भक्तों की सेवा करें

जो लोग कांवड़ यात्रा पर नहीं जा सकते, वे कांवड़ लेकर आने वाले शिव भक्तों की सेवा कर सकते हैं. कांवड़ यात्रा के दौरान कई जगहों पर शिव भक्तों के लिए सेवा शिविर लगाए जाते हैं. आप अपनी क्षमता के अनुसार इन शिविरों में पानी, फल या भोजन की व्यवस्था में सहयोग कर सकते हैं. रास्ते में थके हुए कांवड़ियों को पानी पिलाना या उनकी जरूरत में मदद करना भी सावन में सेवा का अच्छा काम माना जाता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान

वरुण चौहान

इलेक्‍ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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