Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग हादसे में घायल हुए स्टूडेंट्स से आज सीएम रेखा गुप्ता ने AIIMS में मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने यह भी चेक किया कि स्टूडेंट्स को बेहतर इलाज मिले।
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में घायलों से मिली सीएम रेखा गुप्ता।
- Published: 08 Sep 2026, 03:34 PM IST
- Last Updated: 08 Sep 2026, 03:34 PM IST
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग ढहने से 7 छात्रों की मौत हो गई है, वहीं कईं स्टूडेंट घायल भी हैं। इस मामले को लेकर सरकार से लेकर पुलिस भी अब एक्शन मोड में है। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश को गिरफ्तार कर लिया है।
तीनों को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरसात में जेल भेज दिया गया, जबकि हरिराम के बेटे महेश को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। क्योंकि वही सत्यनिकेतन इलाके में अपने हॉस्टल का मैनेजमेंट देखता था।
इधर, दिल्ली सरकार भी एक्शन मोड में है। MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि सत्य निकेतन में जहां इमारत गिरी, उसके आसपास नॉर्थ कैंपस, लक्ष्मीनगर, मुनिरका जैसे वो इलाके हैं जहां इसी तरह पतली-पतली गलियों में दरबे की तरह हॉस्टल और पीजी बने हुए हैं। इनमें छात्र रहने को मजबूर हैं। दिल्ली में 76 लाख सेंसस मकान हैं, लेकिन MCD अभी सिर्फ 28 लाख का ऑडिट कर पाई है।
सीएम रेखा गुप्ता आज 8 सितंबर मंगलवार को AIIMS पहुंची, जहां उन्होंने सत्य निकेतन हादसे में घायल छात्रों से मुलाकात की, और उनके उपचार के बारे में जानकारी ली है। उनके परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि AIIMS के डॉक्टरों द्वारा सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार, दुर्घटना में घायल हुए सभी छात्रों के उपचार का पूरा खर्च वहन करेगी और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।"
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि," जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, वे शव लेकर दिल्ली से जा चुके हैं; सरकार ने सभी जरूरी इंतज़ाम किए थे और हम सभी माता-पिता के संपर्क में हैं। ठीक बगल में एक और इमारत है, वह इमारत खतरनाक है; उसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। उसे कल गिराया जाना है।"
मैं घायल बच्चों से मिली हूं-सीएम रेखा गुप्ता
सीएम रेखा गुप्ता ने यह कहा कि,"मैं घायल बच्चों से मिली हूं। 12 लोगों को घायल हालत में बाहर निकाला गया था; उनमें से 7 की मौत हो चुकी थी। उन 7 लोगों में से 2 मजदूर थे। एक मजदूर यहां भर्ती है और अभी उसकी हालत ठीक है; उसके पैर में गंभीर चोट है जिसका इलाज चल रहा है।
यहां भर्ती 2 बच्चे पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें आज छुट्टी दे दी जाएगी। एक बच्चा ICU में है; उसकी हालत ज़्यादा गंभीर है और वहां उसका इलाज चल रहा है। मैं उनके माता-पिता से भी मिली हूं; हालात को देखते हुए हमने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उन्हें सबसे अच्छा मेडिकल इलाज दिया जाएगा और सरकार पूरी मदद और सहायता करेगी। हम इन बच्चों और मजदूरों के परिवारों को आर्थिक मदद भी देंगे।"
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने क्या कहा ?
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "पिछले 12 सालों से हम सिर्फ दिखावे की कार्रवाई देख रहे हैं। आपने मालिकों, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ़्तार किया, जो सही कदम था। आपने अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें सस्पेंड किया; यह भी सही था।
लेकिन उन लोगों का क्या जो असल में ज़िम्मेदार हैं, जो नैतिक रूप से दोषी हैं, जिन्होंने इसे बनते देखा या इसके निर्माण की देखरेख की? क्या कोई नैतिक या राजनीतिक ज़िम्मेदारी लेगा? आख़िरकार, यह सरकार बेपरवाह है; उसे इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि लोग मर रहे हैं।"
स्टूडेंट्स ने किया प्रोटेस्ट
दिल्ली बिल्डिंग हादसे को लेकर छात्रों में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। डीयू साउथ कैम्पस के अलग-अलग कॉलेजों में सोमवार को छात्रों ने जमकर प्रोटेस्ट किया। ABVP ने एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन किया और अलग-अलग कैंपस में धरना देकर हादसे में मारे गए छात्रों के लिए इंसाफ की मांग की।