Jul 26, 2026 01:46 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
22 जुलाई को दिल्ली में तैनात कंपनी कमांडरों और कमांडेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में IG सीमा धुंधिया ने माना कि उस दिन फोर्स ग्रेडिएंट यानी परिस्थिति के हिसाब से कदम दर कदम बल प्रयोग करने में गंभीर चूक हुई है।

CJP प्रदर्शन के दौरान संसद चलो मार्च पर आई RAF की रिपोर्ट
20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज और तीन प्रदर्शनकारियों के पेलेट गन से घायल होने के मामले में सुरक्षा एजेंसियों के भीतर से बड़ी खबर सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महानिरीक्षक (IG) सीमा धुंधिया ने स्वीकार किया है कि प्रदर्शनकारियों पर किया गया बल प्रयोग निर्धारित मानकों और RAF की ट्रेनिंग के मुताबिक नहीं था।
22 जुलाई को दिल्ली में तैनात कंपनी कमांडरों और कमांडेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में IG सीमा धुंधिया ने माना कि उस दिन "फोर्स ग्रेडिएंट" यानी परिस्थिति के हिसाब से कदम दर कदम बल प्रयोग करने में गंभीर चूक हुई है।
कश्मीर से आए जवानों को दिल्ली में भीड़ नियंत्रण ड्यूटी पर न लगाने के निर्देश
आंतरिक समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए और भविष्य के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए।
IG सीमा धुंधिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन जवानों का तबादला हाल ही में जम्मू-कश्मीर या दूसरे स्पेशल ऑपरेशन्स (आतंकवाद रोधी/उग्रवाद रोधी) क्षेत्रों से हुआ है, उन्हें तुरंत दिल्ली जैसे संवेदनशील शहरों में भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी में तैनात न किया जाए।
कश्मीर या कॉम्बैट जोन में काम करने का माहौल और दृष्टिकोण अलग होता है, जबकि दिल्ली, बिहार, असम और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भीड़ से निपटने के लिए एक बेहद संतुलित, संवेदनशील और धैर्यपूर्ण दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
बिना सुरक्षा गियर ड्यूटी पर दिखे जवान
समीक्षा में पाया गया कि कई जवान बिना बॉडी प्रोटेक्टर और बिना हेलमेट के ड्यूटी करते दिखे, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि बिना पूरी सुरक्षा किट (हेलमेट, वाइजर, सुरक्षा गियर) के किसी भी जवान को मैदान में न उतारा जाए।
दिल्ली की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आगामी आदेशों तक जवानों को PAG (पेलेट गन), एंटी-रॉयट गन, इलेक्ट्रिक शॉक वेपन और इलेक्ट्रिक शील्ड जारी करने पर रोक लगा दी गई है।
जवानों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी उकसावे, अभद्र भाषा या व्यक्तिगत टिप्पणियों का जवाब न दें और हर स्थिति में पेशेवर आचरण और संयम बनाए रखें।
क्या होता है 'फोर्स ग्रेडिएंट'?
पुलिसिंग और लॉ-एंड-ऑर्डर की भाषा में 'फोर्स ग्रेडिएंट' का मतलब होता है- स्थिति और सामने मौजूद खतरे के हिसाब से क्रमिक रूप से बल का प्रयोग करना। नियम के मुताबिक:
- सबसे पहले चेतावनी दी जाती है।
- उसके बाद पानी की बौछार या आंसू गैस का इस्तेमाल होता है।
- इसके बाद ही हल्का लाठीचार्ज किया जा सकता है।
सीधे पेलेट गन या घातक हथियारों का इस्तेमाल फोर्स ग्रेडिएंट के मानकों के बिल्कुल खिलाफ माना जाता है।
CRPF के DG ने क्या कहा?
इस पूरे आंतरिक समीक्षा पर जब CRPF के महानिदेशक (DG) ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "अब क्योंकि विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया गया है और इकट्ठा हुए लोग तितर-बितर हो रहे हैं, हम हर बड़े असाइनमेंट की तरह इस घटना का भी एक पेशेवर पोस्ट-इवेंट असेसमेंट यानी घटना के बाद का वैज्ञानिक और रणनीतिक मूल्यांकन करेंगे।"
