प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र स्थित देवहाट अल्हवा गांव में नवप्रसूता विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों पर हत्या व दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कर ली है। मायके पक्ष का आरोप है कि सिजेरियन डिलीवरी का खर्च मांगने और बेटी के जन्म पर प्रताड़ित कर उसकी जान ली गई है।
मृतका नीलाक्षी सिंह (file photo)
- Published: 29 Aug 2026, 07:26 PM IST
- Last Updated: 29 Aug 2026, 07:26 PM IST
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवहाट अल्हवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतका के मायके वालों का गंभीर आरोप है कि डिलीवरी प्रसव का खर्च न देने, दहेज की निरंतर मांग और नवजात बच्ची के जन्म को लेकर ससुराल वालों ने प्रताड़ित कर उसकी हत्या कर दी।
बच्ची के जन्म और ऑपरेशन के खर्च को लेकर हुआ था विवाद
मृतका के भाई विजय ने बताया कि बीते 21 अगस्त को उनकी बहन नीलाक्षी सिंह की सिजेरियन डिलीवरी ऑपरेशन हुई थी, जिसमें उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मायके पक्ष का कहना है कि बेटी के पैदा होने के बाद से ही ससुराल वालों का रवैया और ज्यादा आक्रामक हो गया। आरोप है कि जब भाई नवजात बच्ची को देखने पहुंचा, तो ससुरालियों ने उससे सोने और चांदी के जेवरात की मांग की।
इसके बाद छठी कार्यक्रम से ठीक पहले 27 अगस्त की शाम को ससुराल पक्ष ने सिजेरियन ऑपरेशन में खर्च हुए 60 से 70 हजार रुपये मायके से मंगाने का भारी दबाव बनाया। जब नीलाक्षी ने परिजनों से रुपये मांगने में असमर्थता जताई, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
फोन पर रोते हुए लगाई थी बचाने की गुहार
बड़ी बहन नीलम के अनुसार, 27 अगस्त की शाम को नीलाक्षी ने फोन कर रोते हुए बताया कि ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और उसकी जान को गंभीर खतरा है। परिजनों ने उसे ढांढस बंधाते हुए रक्षाबंधन के दिन आकर मायके ले जाने का भरोसा दिया था। हालांकि, कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष के लोगों के विरोधाभासी फोन आने लगे। पहले कहा गया कि उसने कमरा बंद कर लिया है, फिर जहर खाने की बात कही गई और अंत में फंदे से लटकने का दावा किया गया। मायके पक्ष के मौके पर पहुंचने से पहले ही नीलाक्षी की सांसें थम चुकी थीं।
2025 में हुई थी शादी, डाककर्मी है पति
परिजनों ने जानकारी दी कि नीलाक्षी का विवाह वर्ष 2025 में कोरांव के देवहाट निवासी जीतेंद्र सिंह चौहान के साथ हुआ था, जो डाक विभाग में कार्यरत है। मायके वालों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल के लोग दहेज और नकदी की मांग को लेकर नीलाक्षी को लगातार शारीरिक व मानसिक यातनाएं दे रहे थे।
पति समेत 5 लोगों पर हत्या और धमकी का आरोप
मृतका के पिता और भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति जीतेंद्र सिंह, ससुर अवधेश सिंह, सास उर्मिला, चाची सास मथुरा सिंह और जेठ सुनील सिंह के खिलाफ हत्या, दहेज प्रताड़ना और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है। मायके वालों ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष मामले को रफा-दफा करने के लिए लगातार धमकियां भी दे रहा था।
कोरांव पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।