महम चबूतरे पर खाप महापंचायत : हरियाणवी कलाकारों व समाज के वरिष्ठों के बीच तीखी बहस, जानें अश्लीलता और गिरते संस्कारों पर क्या बोले
Maham Khap Mahapanchayat : सिंगर विकास पसोरिया, गायक अजय हुड्डा और डांसर मुस्कान यादव ने खाप महापंचायत में अपनी बात रखी। दूसरी ओर सतरोल खाप प्रधान उदयवीर ने मोबाइल फोन को संस्कारों के पतन की मुख्य वजह बताया।
हरियाणा के महम चबूतरे पर आयोजित खाप महापंचायत में मौजूद लोग व कलाकार।
- Published: 26 Jul 2026, 01:25 PM IST
- Last Updated: 26 Jul 2026, 01:25 PM IST
Maham Khap Mahapanchayat : हरियाणा के ऐतिहासिक महम चबूतरे पर आयोजित खाप महापंचायत में इस बार का मुख्य एजेंडा समाज में फैलती अश्लीलता, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और युवाओं पर पड़ता इसका विपरीत प्रभाव रहा। महापंचायत में मौजूद हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के प्रमुख चेहरों और खाप के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी राय रखी। इस दौरान कलाकारों और समाज सुधारकों के बीच आत्मचिंतन और तीखे बयानों का दौर देखने को मिला।
सुधार की शुरुआत खुद से करने की जरूरत
लोकप्रिय गायक विकास पसोरिया ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि केवल कंटेंट बनाने वाले ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि ऐसा कंटेंट देखने वाला वर्ग भी इसी समाज और पंचायत का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर बदलाव चाहिए तो सबसे पहले दर्शकों को खुद में सुधार लाना होगा।
विकास ने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से अश्लील कंटेंट के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब जाकर लोग जागरूक हुए हैं। पसोरिया के अनुसार अश्लील कंटेंट के जरिए कम समय में पैसा कमाना आसान हो सकता है, लेकिन इस प्रवृत्ति पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जैसी दुकान होगी वैसा ही सामान मिलेगा, इसलिए अगर कलाकार गलत प्रस्तुतियां बंद कर देंगे तो समाज में सकारात्मक बदलाव जरूर आएगा।
मोबाइल फोन और इंटरनेट से बिगड़ी सामाजिक मर्यादा
सतरोल खाप के प्रधान उदयवीर ने महापंचायत के मुख्य मुद्दों से भटकाव पर निराशा जताई। उन्होंने सीधे तौर पर मोबाइल फोन और सोशल मीडिया को सामाजिक ताने-बाने के बिगड़ने का मुख्य कारण ठहराया। उदयवीर का कहना था कि तीन दशक पहले जब स्मार्टफोन का चलन नहीं था, तब सामाजिक मर्यादाएं अधिक मजबूत थीं और ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं।
आज स्थिति यह है कि फोन खोलते ही आपत्तिजनक सामग्री सामने आ जाती है। उन्होंने मांग की कि इंटरनेट पर परोसी जा रही ऐसी अश्लील भाषा और सामग्री पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए ताकि युवा पीढ़ी को इस लत से बचाया जा सके।
कलाकारों ने आत्मचिंतन कर सुधार का संकल्प लिया
महापंचायत के दौरान इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों ने भी स्वीकार किया कि कहीं न कहीं उनसे भी गलतियां हुई हैं। गायक व गीतकार अजय हुड्डा ने मंच से साफ कहा कि वे खुद पूरी तरह से दूध के धुले नहीं हैं और अतीत में हुई भूलों को सुधारकर आगे सही रास्ते पर चलने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं हरियाणवी कलाकार और डांसर मुस्कान यादव ने कहा कि गन कल्चर, अश्लीलता, गाली-गलौज और सट्टेबाजी के खिलाफ शुरू हुई यह मुहिम बेहद सराहनीय है। उनका मानना है कि इस पहल से समाज में अब तक आधा सुधार आ चुका है। मुस्कान ने स्वीकार किया कि समाज ने ही इस कल्चर को बढ़ाया है और अगर हम ऐसी चीजें देखना बंद कर देंगे तो यह अपने आप खत्म हो जाएंगी। उन्होंने साथी महिला कलाकारों से मर्यादित वीडियो बनाने की अपील की और साथ ही धर्मेंद्र हुड्डा को भाषा की मर्यादा में रहने की सलाह देते हुए कहा कि गुस्से में भी शब्दों की गरिमा बनी रहनी चाहिए।
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