world-news

नाग पंचमी के दिन तवे पर रोटी बनाने की क्यों है मनाही? जानिए सदियों से चली आ रही इस परंपरा की असली वजह| Navbharat Live

July 18, 2026

नाग पंचमी के दिन तवे पर रोटी बनाने की क्यों है मनाही? जानिए सदियों से चली आ रही इस परंपरा की असली वजह

  • Written By:

    सीमा कुमारी

Updated On: Jul 18, 2026 | 07:24 PM IST

विज्ञापन

सार

Nag Panchami 2026 Kitchen Traditions: नाग पंचमी के दिन तवे पर रोटी न बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है। जानिए इसके पीछे छिपी धार्मिक मान्यता, पौराणिक कथा और इस दिन पालन किए जाने वाले विशेष नियम।

Nag Panchami Puja Rules

नाग पंचमी पर रोटी बनाने की क्यों है मनाही? (सौ.सोशल मीडिया)

विस्तार

Nag Panchami Puja Rules: नाग पंचमी हिंदूओं का प्रमुख त्योहार है। यह पर्व नाग देवता और भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हर साल नाग पंचमी का त्योहार सावन (श्रावण) महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और उन्हें दूध अर्पित किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार,साल 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पर्व सिर्फ नाग देवता की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी कई परंपराएं भी सदियों से निभाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक है इस दिन तवे पर रोटी न बनाना। यह नियम मुख्य रूप से क्षेत्रीय मान्यताओं से जुड़ा है। आइए जानते हैं कि आखिर इस मान्यता के पीछे क्या कारण बताया जाता है।

तवे की रोटी क्यों मानी जाती है वर्जित?

लोक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन धरती के भीतर रहने वाले जीवों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। इस दिन तवे की तेज आंच का प्रयोग न करके प्रकृति और नाग देवता के प्रति श्रद्धा प्रकट किया जाता है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में इस दिन तवे पर रोटी नहीं बनाई जाती।

सम्बंधित ख़बरें

क्या यह धार्मिक नियम है?

धार्मिक ग्रंथों में नाग पंचमी पर तवा न चढ़ाने का कोई अनिवार्य नियम नहीं बताया गया है। यह परंपरा मुख्य रूप से लोक आस्था और क्षेत्रीय मान्यताओं से जुड़ी हुई है। इसलिए इसका पालन परिवार और स्थानीय परंपराओं के अनुसार किया जाता है।

यह भी पढ़ें-Lord Kartikeya: स्कंद षष्ठी व्रत की महिमा जानकर हो जाएंगे हैरान! कुंडली के मंगलदोष से भी मिलेगी राहत

नाग पंचमी पर क्या बनता है भोजन?

जिन परिवारों में इस परंपरा का पालन किया जाता है, वहां नाग पंचमी के दिन तवे की रोटी की जगह पूड़ी, कचौड़ी, खीर, दही-चावल, उबले हुए व्यंजन और अन्य सात्विक भोजन बनाए जाते हैं। कई स्थानों पर मिट्टी के बर्तनों में भोजन पकाने की भी परंपरा है। कुछ लोग एक दिन पहले ही रोटियां बनाकर रख लेते हैं और नाग पंचमी के दिन केवल पूजा-पाठ और सात्विक भोजन पर ध्यान देते हैं।

नाग पंचमी का क्या है धार्मिक महत्व?

धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भगवान शिव और नाग देवता की कृपा से जीवन में सकारात्मकता, सुरक्षा और खुशहाली बनी रहती है। इसलिए यह पर्व केवल पूजा का नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी संदेश देता है।

Follow Navbharatlive whatsapp