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ईयू एफटीए लागू होने से पहले गोयल ने रखा भारत-जर्मनी व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य | IBC24

October 22, 2026

बर्लिन, 22 अक्टूबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को भारत और जर्मनी के बीच व्यापार को मौजूदा 31 अरब यूरो से बढ़ाकर 310 अरब यूरो करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने का सुझाव दिया। उन्होंने दोनों देशों की कंपनियों से भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से पहले अवसरों की पहचान करने और जरूरी तैयारियां करने को भी कहा।

गोयल ने यहां एक कार्यक्रम में उम्मीद जताई कि भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ के बीच अंतिम रूप दिए जा चुके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर साल के अंत से पहले हस्ताक्षर हो जाएंगे और अगले चार-पांच महीने में यह लागू भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के कारोबारियों को अभी से उत्पादों के नमूने साझा करने, गुणवत्ता संबंधी प्रावधानों और कीमतों पर चर्चा करने तथा अन्य तैयारियां पूरी करने की जरूरत है ताकि एफटीए लागू होने पर वे इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।

गोयल ने कहा कि दोनों देश अपने प्रयासों में तालमेल बैठाकर, ठोस योजनाएं बनाकर और सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करके 310 अरब यूरो के महत्वाकांक्षी व्यापार लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जर्मनी की सटीक इंजीनियरिंग, तकनीकी कौशल और गुणवत्ता संबंधी विशेषज्ञता को भारत के बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्षमताओं और कुशल कार्यबल के साथ जोड़कर दोनों देशों के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर में भी दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं और संकट को अधिक सहयोग के अवसर में बदल सकते हैं।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के बारे में उन्होंने कहा कि इस पर करीब 20 साल तक बातचीत चली, लेकिन पिछले 13 महीनों में इसे अंतिम रूप दिया गया। भारत और ईयू ने इस साल 27 जनवरी को समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।

गोयल ने कहा, ‘‘व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। उम्मीद है कि यह अगले चार-पांच महीने में लागू हो जाएगा।’’

समझौते के तहत भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को यूरोपीय संघ के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने की उम्मीद है। वहीं, यूरोपीय संघ से आयात होने वाली लक्जरी कारें और शराब सस्ती हो सकती हैं।

भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गोयल ने दोनों देशों के कारोबारियों से साझेदारियां बनाने तथा संभावित ग्राहकों, सहयोगियों और निवेशकों से संपर्क बढ़ाने को कहा। उन्होंने आर्थिक सुरक्षा, हरित बदलाव और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को व्यापार एवं निवेश संबंध मजबूत करने के प्रमुख क्षेत्र बताया।

इस कार्यक्रम में जर्मनी की आर्थिक मामले एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीशे ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने का सुझाव भी दिया।

दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय बैठक में कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज, हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने भारत के औद्योगिक और डिजिटल क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार किया।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

Web Title: ईयू एफटीए लागू होने से पहले गोयल ने रखा भारत-जर्मनी व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य