डीन पर हमले के विरोध में जूनियर डॉक्टरों का धरना: ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल में 5 ओपीडी बंद मिले, जांच के लिए भटकते रहे मरीज - Gwalior News
October 21, 2026
ग्वालियर1 घंटे पहले
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डीन से मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने कलम बंद हड़ताल की।
ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल में GRMC मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के साथ मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से बुधवार को ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुई। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने पूर्णतः कलम बंद हड़ताल का ऐलान किया है। बुधवार सुबह से 70 से 80 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए, जबकि 250 से 300 सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज जारी रखा।
अस्पताल में कुछ डॉक्टरों के केबिन और जांच कक्ष बंद मिले। इससे मरीजों को जांच और परामर्श के लिए परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, सर्जरी, डेंटल, अस्थि रोग और नेत्र विभाग में कामकाज नियमित रूप से चलता रहा।
हड़ताल के चलते ओपीडी के कई कमरों में ताले लटके मिले।
विभागों के कमरे बंद मिले
दैनिक भास्कर की टीम ने बुधवार को अस्पताल की ओपीडी का जायजा लिया। पीएसी क्लिनिक के रूम नंबर 71 में ताला लगा मिला। रेस्पिरेटरी मेडिसिन के रूम नंबर 5 में डॉक्टर का केबिन खाली था और मरीज बाहर इंतजार करते नजर आए।
गैर-संचारी रोग जांच क्लिनिक में कमरा खाली रहने से संबंधित जांचें नहीं हो सकीं। दर्द निवारक क्लिनिक के रूम नंबर 72 में भी ताला लगा मिला। चर्म रोग विभाग के रूम नंबर 3 और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी विभाग के रूम नंबर 6 में भी कामकाज बंद रहा।
इन विभागों में मरीजों का इलाज जारी
हड़ताल के बीच सर्जरी ओपीडी में सीनियर डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहे। यहां मरीजों का इलाज जारी रहा। डेंटल विभाग में भी डॉक्टरों की उपस्थिति सामान्य रही।
अस्थि रोग (ऑर्थोपेडिक) और नेत्र विभाग में मरीजों की जांच और परामर्श का काम नियमित रूप से चलता रहा। सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी के कारण ओपीडी पर व्यापक असर नहीं पड़ा, लेकिन जिन कमरों में डॉक्टर नहीं थे, वहां मरीजों को परेशानी हुई।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बीच मरीज जांच के लिए भटकते रहे।
मरीज बोले- जांच के लिए आए, कमरे बंद मिले
अस्पताल में इलाज और जांच कराने पहुंचे मरीजों ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से सुबह ही अस्पताल आ गए थे, लेकिन कई कमरों पर ताले लगे मिले। ऐसे में उन्हें निजी जांच केंद्रों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
डॉक्टरों के केबिन बंद मिलने से मरीजों को परेशानी हुई।
बीती रात ही ओपीडी बंद करने का आह्वान
जूनियर डॉक्टरों ने डीन पर हमले के विरोध में मंगलवार रात ही ओपीडी का काम ठप करने का आह्वान किया था। बुधवार को जूडा ने पूर्णतः कलम बंद हड़ताल की। जूडा प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक विरोध जारी रहेगा।
अस्पताल प्रबंधन सीनियर डॉक्टरों की मदद से ओपीडी व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहा है, ताकि दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
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