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कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी हार्ट अटैक आ सकता है? एक्सपर्ट से जानें

October 16, 2026

कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी हार्ट अटैक आ सकता है? एक्सपर्ट से जानें

हार्ट अटैक क्यों होता है?Image Credit source: Getty Images

हार्ट अटैक एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जब हृदय की मांसपेशियों के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है. इसके पीछे का कारण बैड कोलेस्ट्रॉल माना जाता है, इसकी मात्रा शरीर में बढ़ती है तो ये आपके दिल के लिए नुकसानदायक होता है. दरअसल ये अनहैल्दी फैट (चिपचिपा सा पदार्थ होता है) धमिनयों की दीवारों पर प्लाक की तरह जमा होना शुरू हो जाता है. इस वजह से धमनियां संकरी हो सकती हैं और रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है. जिससे हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी रोग (CAD) का खतरा बढ़ता है, लेकिन क्या उन लोगों को भी हार्ट अटैक आ सकता है जो खुद को फिट रखते हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी सामान्य है. इस बारे में जानेंगे एक्सपर्ट की राय.

बैड कोलेस्ट्रॉल को एलडीएल (LDL – लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन) कहा जाता है. ये एक तरह के फैट और प्रोटीन का मिश्रण होता है जो ब्लड के साथ मिल जाता है. एलडीएल की रेंज 100 से कम अच्छी, 100 से 129 के बीच एवरेज, 130 से 159 के बीच बॉर्डर लाइन और 160 है तो ये हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या मानी जाती है. अब जान लेते हैं कि क्या नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल हो तो भी हार्ट अटैक हो सकता है.

हार्ट अटैक का कब है खतरा

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली के डायरेक्टर कार्डियोलॉजी डॉ. अमर सिंघल कहते हैं कि कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बावजूद हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता. हृदय स्वास्थ्य का आकलन केवल कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट के आधार पर नहीं किया जा सकता. इसमें कई और फैक्टर भी शामिल होते हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा हो तो भी हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है.

कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल हो जाने के बाद हार्ट अटैक का खतरा कितना?

एक्सपर्ट कहते हैं कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमा कर सकता है. बाद में खान-पान, व्यायाम या दवाओं की मदद से कोलेस्ट्रॉल का स्तर नॉर्मल हो जाए, तब भी पहले से बनी प्लाक धमनियों में मौजूद रह सकती है. कई बार यह प्लाक अचानक टूटती है और वहां खून का थक्का बन जाता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह रुक सकता है और हार्ट अटैक हो सकता है.

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सावधानियों को न करें नजरअंदाज

डॉ. अमर सिंघल का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल आने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य जोखिम कारकों की नियमित जांच करवाते रहना जरूरी है. इससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों को समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है और हार्ट अटैक आने का जोखिम कम किया जा सकता है.

ऐसे रखें दिल को हेल्दी

दिल को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि संतुलित खान-पान अपनाएं. जंक, पैक्ड, ज्यादा नमक, ज्यादा चीनी और ज्यादा अनहेल्दी फैट वाली चीजों से दूरी बनाए रखें. अल्कोहल और स्मोकिंग या फिर किसी भी तरह के धूम्रपान से परहेज करें. इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण होता है. वहीं समय-समय पर रेगुलर हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए.

इन लक्षणों पर दें ध्यान

  • सीने में अचानक दर्द या दबाव महसूस होना.
  • सांस फूलने के साथ अचानक पसीना आना
  • सीने से दर्द हाथ और जबड़े तक फैलना

इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.

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शशि सिंह

शशि सिंह

शशि सिंह टीवी9 डिजिटल हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से ताल्लुक रखने वाली शशि ने बरेली कॉलेज (महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय) से आर्ट्स से ग्रेजुएशन किया है और अमर उजाला से संबंद्ध इंस्टीट्यूट 'द आरोहन मीडिया स्कूल' से इंटीग्रेटेड डिजिटल मीडिया में पीजी डिप्लोमा कर चुकी हैं. इसके साथ ही अमर उजाला से ही इन्होंने बतौर जूनियर कंटेंट राइटर पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की. वह रिलीजन, रिलेशनशिप, फूड, हेल्थ, और मनोरंजन जैसे टॉपिक्स पर लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन सालों से ज्यादा का अनुभव है. वहीं मनोरंजन के साथ राजनीति, क्राइम और देश-दुनिया की खबरों के लेखन में भी दिलचस्पी रखती हैं. इसके अलावा इन्होंने 'टेकवन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन' से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री भी ली है. वह किताबें पढ़ने, कविताएं और शायरी लिखने-पढ़ने का शौक रखती हैं और नई-नई चीजों को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं.

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