
रविता और अमरदीप को फांसी की सजा मिली.
Meerut News: मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई. पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की हत्या की और इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की. ADJ कोर्ट-12 के जज ने दोनों को फांसी की सजा दी. जज ने कहा कि, “पत्नी के लिए धर्म भी कहता है कि पति परमेश्वर होता है. ऐसे में पति धर्म है और पति की हत्या बहुत बड़ा अपराध है. ऐसे में फांसी दी जाएगी.” बता दें कि अभी दो दिन पहले जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा सुनाई थी.
आरोपों के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप के सो जाने के बाद अमरदीप घर पहुंचा. रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए, जबकि अमरदीप ने उसका गला दबाया. मुंह और नाक दबने के कारण दम घुटने से अमित की मौत हो गई. हत्या को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए अमरदीप ने एक सपेरे से 1,000 रुपए में सांप खरीदा और अमित के शव के पास छोड़ दिया, ताकि लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है.
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अमित की मां ने फैसले पर जताई खुशी
13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित का शव बिस्तर पर मिला. उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे निशान थे और पास में एक जीवित सांप भी मिला. शुरुआत में मौत की वजह सर्पदंश समझी गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद मामले में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ. वहीं अमित की मां मुनेश देवी अपने बेटे की हत्या के बाद से गहरे सदमे में थीं. अब जब हत्यारोपी बहू को फांसी की सजा हुई है तो उन्होंने खुशी जताई.
पिता अमित को याद करते हैं बच्चे
मुनेश देवी ने कहा, “जिस बेरहमी से उनके बेटे की हत्या की गई, उसके लिए आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी ही थी. कोर्ट के फैसले से हम खुश हैं. रविता ने तीन बच्चों को पिता के बिना छोड़ दिया. जैसे मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे ही इन दोनों को भी सजा मिली. अब मेरी आत्मा को शांति मिलेगी.” मुनेश देवी ने कहा कि रविता न तो अच्छी पत्नी बन सकी और न ही बच्चों की अच्छी मां. बेटे की मौत के बाद परिवार को संभालना मुश्किल हो गया है. मां के मुताबिक, अमित के तीनों बच्चे आज भी अपने पिता को याद करते हैं और उनके बारे में पूछते हैं.
12 से ज्यादा गवाहों के बयान के बाद दोषी करार
इस मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान 12 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. कुल 16 तारीखों पर चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने रविता और अमरदीप को हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था. परिवार की ओर से दोनों को फांसी की सजा देने की मांग की गई थी. अमित के परिजनों को उम्मीद थी कि अदालत का फैसला उन्हें न्याय दिलाएगा. अब जब रविता और अमरदीप को फांसी की सजा मिली है तो परिवार ने खुशी जताई.
भाई बोला- साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती, हत्या क्यों की?
अमित के भाई संदीप ने भी कहा कि कोर्ट के फैसले से हम खुश हैं. संदीप ने कहा कि अगर रविता को अमित के साथ नहीं रहना था तो वह उसे छोड़ सकती थी. इसके लिए हत्या करने की क्या जरूरत थी? संदीप के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी अमित की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई थी. हत्या की साजिश ने न केवल अमित की जान ली, बल्कि पूरे परिवार को बिखेर दिया. बता दें कि अमित कश्यप के तीन बच्चे हैं. पिता की मौत के बाद वे अपनी दादी मुनेश देवी के पास रह रहे हैं.

अनमोल शर्मा
मैं अनमोल शर्मा पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं और ग्राउंड रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव रखता हूं. वर्ष 2019 से TV9 समूह से जुड़कर ब्रेकिंग और एक्सक्लूसिव खबरों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा हूं. राजनीति, क्राइम, जन आंदोलन, महामारी और संवेदनशील मुद्दों की निष्पक्ष व तथ्यपरक रिपोर्टिंग मेरी पहचान रही है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए लगातार ट्रेंडिंग खबरें उपलब्ध कराकर चैनल की ऑनलाइन व्यूअरशिप बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है. मेहनत, निर्भीकता और निष्पक्षता के बल पर दर्शकों के बीच एक भरोसेमंद पत्रकार के रूप में पहचान बनाई है. मेरठ की कर्मभूमि है.
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