world-news

अंकिता भंडारी केस: पीड़ित परिवार को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने छोड़ा; पिता बोले- देशभर में होगा आंदोलन | Ankita Bhandari case Delhi Police release victim family after taking them into custody

October 15, 2026

नई दिल्ली: उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार सुबह इंडिया गेट से करीब 3:45 बजे हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी यहीं से हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने CRPF के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा गया है। अंकिता की साल 2022 में एक वीआइपी को विशेष सेवाएं देने से इनकार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। संबंधित वीआइपी की पहचान सार्वजनिक नहीं है।

भूमिका पर सवाल

अंकिता का परिवार इस मामले में लगातार दुष्यंत कुमार गौतम की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। दुष्यंत गौतम को हाल ही में सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। अंकिता का परिवार इसी के विरोध में इंडिया गेट पर धरने पर बैठा है। बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका भी अंकिता के परिवार के समर्थन में धरने पर पहुंचे थे। हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने चेतावनी दी कि हम सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का वक्त देते हैं। यदि सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तो देशव्यापी प्रदर्शन शुरू होंगे। उन्होंने कहा "अगर न्याय नहीं मिला, तो मेरी बेटी को न्याय मिलने तक पूरे देश में प्रदर्शन होंगे। सबसे पहले हमारी मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। अगर नियुक्ति रद्द नहीं होती है, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना पड़ेगा। मेरी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।"

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में उनके माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के खिलाफ रोष जारी करते हुए बुधवार रात को धरना शुरू किया था। जैसे ही इस धरने की सूचना कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मिली वह धरना स्थल पर ही उनसे मिलने पहुंच गए। एंटी-रेप एक्टिविस्ट योगिता भयाना भी उनके साथ थी जिन्होंने इंटरनेट मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि अंकिता भंडारी केस में सीबीआइ जांच चल रही है ऐसे में इसकी जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए

नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग

धरने पर बैठे मृतका के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने इस मामले में दुष्यंत गौतम को सजा देने की मांग करते हुए राज्यपाल के तौर पर उनकी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल ज़िले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिसार्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। आरोपों के अनुसार वर्ष 2022 में दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या हुई। इसमें गौतम पर आरोप लगाए गए थे। उस समय आरोपों को खारिज करते हुए दुष्यंत कुमार गौतम ने एफआइआर दर्ज कराई थी। गौतम का कहना था कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा । उन्होंने यह भी कहा था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी जांच, चार्जशीट और अदालत की कार्यवाही में कहीं भी उनका नाम सामने नहीं आया है।