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'मुझे किडनैप किया,मां को धक्का मारा',ध्रुव राठी के आरोप ने उड़ाए होश, नागरिकता-पासपोर्ट पर भी तोड़ी चुप्पी!

October 11, 2026

'मुझे किडनैप किया,मां को धक्का मारा',ध्रुव राठी के आरोप ने उड़ाए होश, नागरिकता-पासपोर्ट पर भी तोड़ी चुप्पी!

Time Published: Sunday, October 11, 2026, 12:43 [IST]

मशहूर यूट्यूबर और डिजिटल क्रिएटर ध्रुव राठी ने अपनी हिरासत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि 10 अक्टूबर की सुबह 7 बजे सिविल ड्रेस में कुछ लोग उनके घर में घुसे और उन्हें जबरन किडनैप कर अपने साथ ले गए। ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि उनकी मां को धक्का दिया गया, उन्हें चोटें आईं और हिरासत के दौरान न तो फोन इस्तेमाल करने दिया गया और न ही वकील से बात करने का मौका मिला। 9 अक्टूबर की रात राठी ने वीडियो जारी कर बताया था कि 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में वो शामिल होंगे।

ध्रुव राठी अपना पासपोर्ट दिखाकर भारतीय नागरिकता को लेकर फैल रही अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि वो एक भारतीय नागरिक हैं और उन्हें प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ध्रुव राठी इस पूरे मामले में क्या-क्या खुलासे किए हैं।

Dhruv Rathee

ध्रुव राठी ने पासपोर्ट दिखाकर क्या कहा? (Dhruv Rathee Passport Controversy)

ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर 11 अक्तूबर को वीडियो जारी कर कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और आगे भी भारतीय ही रहेंगे। उनके मुताबिक, यह दावा गलत है कि उनके पास विदेशी पासपोर्ट है और इसी वजह से उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार नहीं है। राठी ने कहा कि भारतीय नागरिक होने के नाते उन्हें भी वही अधिकार मिलने चाहिए, जो देश के दूसरे नागरिकों को मिलते हैं।

ध्रुव राठी बोले,

''सबसे पहले एक चीज मैं क्लियर करना चाहूगा, मेरा पासपोर्ट, ये है मेरा पासपोर्ट। (दिखाते हुए) मैं एक इंडियन सिटिजन हूं, था और रहूंगा। तो ये जो अफवाह फैला रहे हैं गोदी मीडिया वाले, जस्टिफिकेशन दे रहे हैं मेरे डिटेंशन और अरेस्ट के पीछे कि भाई फॉरेन पासपोर्ट होल्डर था प्रोटेस्ट में नहीं पार्टिसिपेट, सरासर झूठ है। मैं एक इंडियन सिटिजन हूँ और मुझे उतने ही राइट्स हैं जितने एक आम नागरिक को होते हैं।''

पुलिस का सुबह 7 बजे घर पहुंचने का दावा, मां के साथ बदसलूकी का आरोप

ध्रुव राठी के मुताबिक, 10 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। उनकी मां ने बाहर लोगों को देखकर दरवाजा खोला। उनका आरोप है कि करीब 20 लोग, जो पुलिस की वर्दी में नहीं थे, उनकी मां को धक्का देकर घर में घुस आए। इसके बाद वे सीधे उनके बेडरूम तक पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। राठी का दावा है कि बाहर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। उन्होंने इस कार्रवाई को गिरफ्तारी या हिरासत के बजाय 'किडनैपिंग' बताया।

ध्रुव राठी ने कहा, ध्रुव राठी बोले,

''क्या किया इन्होंने कल मेरे साथ 10 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे। मैं अपने बेडरूम में सो रहा था और मेरी मम्मी सुबह उठकर दरवाजा खोलती हैं क्योंकि बाहर काफी सारे लोग घूम रहे थे, पुलिस वाले नहीं, आम कपड़ों में लोग घूम रहे थे। और एकदम से ये लोग, करीब 20 लोग, उन्हें धक्का मार के अंदर घुसते हैं घर में, उन्हें वो चीखती हैं और एकदम से ये सीधा घर के अंदर आते हैं, चारों तरफ फैल जाते हैं और सीधा मेरे बेडरूम में आते हैं। और मैं अभी तक मेरी नींद नहीं खुली थी, जैसे ही बेडरूम का दरवाजा खुला तब मेरी नींद खुलती है और मैं देखता हूं कि क्या हो रहा है यहां पर, एकदम से इतने सारे लोग कैसे आ गए हैं बेडरूम में। और इससे पहले कि मैं कुछ रिएक्ट कर पाता, ये लोग मुझे किडनैप कर ले जाते हैं। मैं यहां पर किडनैप शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूं क्योंकि ये कोई अरेस्ट नहीं है, कोई डिटेंशन नहीं है। डिटेंशन तो तब होता अगर मैं प्रोटेस्ट में जाता, वहां पर प्रोटेस्ट कर रहा हू, तब पुलिस डिटेन कर रही है, वो अलग चीज है। अरेस्ट तब होता अगर कोई पुलिसवाला आता, अपनी वर्दी दिखाता, नेमप्लेट दिखाता, मुझे अरेस्ट करके बताता कि ये देखो ये सेक्शन है, ये धाराएं हैं, आप हमारे साथ पुलिस स्टेशन चलो, मैं खुशी-खुशी चल पड़ता, लेकिन इनमें से कुछ भी नहीं हुआ।''

फोन छीना, वकील से बात नहीं करने दी?

ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि उन्हें एक जीप में बैठाकर पहले एक पुलिस स्टेशन और फिर दूसरे स्टेशन ले जाया गया। इस दौरान उनका फोन ले लिया गया। उनके मुताबिक, उन्हें न तो फोन इस्तेमाल करने दिया गया और न ही वकील तक पहुंच मिली। राठी का दावा है कि उन्हें करीब 22 से 23 घंटे तक बैठाकर रखा गया और इस पूरी कार्रवाई का कोई वीडियो भी नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें इस दौरान चोटें आईं।

मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, इमरजेंसी से की तुलना

राठी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश में तानाशाही जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया और इसे 'अघोषित इमरजेंसी' कहा। उनके दावे के मुताबिक, CJP नेताओं समेत करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके आसपास कम से कम 15 लोग निगरानी के लिए लगाए गए हैं और उन्हें अघोषित हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया है।

राठी ने कहा कि किसी नागरिक को केवल अपनी बात रखने और बेहतर चुनाव आयोग की मांग करने के लिए इस तरह की कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक का धन्यवाद भी किया और कहा कि उन्होंने सरकार को भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।

कब रिहा हुए ध्रुव राठी, दोबारा हिरासत का कितना खतरा?

ध्रुव राठी को शनिवार, 10 अक्टूबर को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले हुई। पुलिस ने उन्हें रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे रिहा कर दिया। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर राठी रोक के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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