world-news

'फ्लाईदुबई ज्वाइन से पहले ही बना क्रैश का प्लान', ओमानी को-पायलट का भयानक कबूलनामा, जानिए कॉकपिट साजिश का सच!

October 5, 2026

'फ्लाईदुबई ज्वाइन से पहले ही बना क्रैश का प्लान', ओमानी को-पायलट का भयानक कबूलनामा, जानिए कॉकपिट साजिश का सच!

Time Published: Monday, October 5, 2026, 16:07 [IST]

फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले की जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पूछताछ के दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने जो खुलासे किए हैं, वे हैरान करने वाले हैं। उसने साफ माना कि उसका मकसद कैप्टन स्मित मछार को मार करके 174 यात्रियों से भरे प्लेन को बेन गुरियन एयरपोर्ट की किसी ऊंची इमारत में दे मारना था।

अब जांच से जुड़े मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। हमान ने कथित तौर पर एयरलाइन में नौकरी मिलने से पहले ही विमान क्रैश की योजना बना ली थी।

Hamam Al Hammami Flydubai

रिपोर्ट्स के मुताबिक पूछताछ में हमाम ने बताया कि उसने ऐसी एयरलाइन की तलाश की थी, जो सीधे तेल अवीव जाती हो। इसी वजह से उसने फ्लाईदुबई को चुना। उसका कथित प्लान पहले कैप्टन को रास्ते से हटाने और फिर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के आसपास किसी इमारत या विमान से टकराने का था। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है।

फ्लाईदुबई को ही क्यों क्रैश कराना था?

पूछताछ में को-पायलट ने खुलासा किया कि

"मैंने बाकायदा रिसर्च की थी कि कौन सी एयरलाइन सीधे तेल अवीव की उड़ान भरती है। इसीलिए फ्लाईदुबई को चुना और नौकरी में आने से पहले ही हमले का खाका तैयार कर लिया था।"

रिपोर्ट में यह भी दावा है कि हमामी पिछले महीनों में कई बार बेन गुरियन एयरपोर्ट आया था। जून में इजराइल की यात्रा के दौरान उसने कथित तौर पर एयरपोर्ट और आसपास के इलाके की जानकारी जुटाई। वह जुलाई में ही हमला करने वाला था, लेकिन उस उड़ान में उसका करीबी दोस्त क्रू में शामिल था। इसी वजह से उसने उस समय अपना इरादा टाल दिया। कुछ रिपोर्ट्स ने इसकी तुलना 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए विमान हमलों से की है।

कॉकपिट में 43 मिनट का पूरा सच

इतालवी अखबार कोरिएरे डेला सेरा के मुताबिक घटना वाले दिन मिनट-दर-मिनट की स्थिति कुछ इस तरह रही:

  • सुबह 9:15 बजे: हमामी ने नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और क्रैश-एक्स (कुल्हाड़ी) निकालकर कैप्टन स्मित के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया।
  • सुबह 9:20 बजे: यात्री ताली मानेस ने कॉकपिट से चीख-पुकार सुनकर बिजनेस क्लास में बैठे ऑफ-ड्यूटी पायलटों को खबर दी।
  • सुबह 9:21 बजे: साजिश नाकाम होती देख हमामी ने प्लेन को 17 हजार फीट नीचे गिराना शुरू किया और दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की।
  • सुबह 9:35 बजे: प्लंबर यानिव हयून और इजरायली यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में लिया।
  • सुबह 9:38 बजे: ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने ट्रांसपोंडर कोड 7500 (हायजैकिंग) सेट कर प्लेन का कंट्रोल संभाला।
  • सुबह 10:57 बजे: सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर प्लेन की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

कॉकपिट में नमाज का बहाना और फिर कुल्हाड़ी से हमला

घटना वाले दिन हमाम ने कथित तौर पर नमाज पढ़ने के लिए ब्रेक मांगा। इसके बाद उसने कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी उठाई और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।

रिपोर्टों के मुताबिक कैप्टन के सिर और हाथ पर गंभीर चोट आई। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद कोई चीज उनके सिर से टकराई है। लेकिन लगातार वार होने के बाद उन्हें समझ आया कि यह हमला है। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। कुछ देर बाद दरवाजा खुला और बाहर मौजूद लोगों को अंदर की स्थिति का पता चला।

यात्री ताली मानेस अपनी पांच साल की बेटी को टॉयलेट ले जा रही थीं। तभी उन्हें कॉकपिट से चीखने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत बिजनेस क्लास में बैठे ऑफ-ड्यूटी पायलट को इसकी जानकारी दी। ताली ने कथित तौर पर चिल्लाकर कहा, "वह पायलट को मार रहा है।"

विमान 34 हजार से 17 हजार फीट तक गिरा

हमले के बाद हालात और खतरनाक हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आने लगा और 17 हजार फीट के आसपास पहुंच गया। उसकी रफ्तार भी 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा होने का दावा किया गया है।

जांच रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हमाम ने विमान के कंट्रोल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। ऑटोपायलट बंद होने और विमान के तेजी से नीचे आने की बात भी सामने आई है। यहां तक कि जांचकर्ता इस पहलू को भी देख रहे हैं कि क्या उसने इंजन तक ईंधन पहुंचाने वाले स्विच को बंद करने की कोशिश की थी।

इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची। इससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे और नियंत्रण संभालने में मदद की।

यात्रियों ने हमलावर को कैसे काबू किया?

फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। कॉकपिट से खतरे का पता चलने के बाद कई यात्री अंदर पहुंचे। हमामी को काबू किया गया। इस दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल थे। सुबह करीब 9:38 बजे विमान में 7500 इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड सेट किया गया। यह कोड विमान में हाइजैकिंग या अनधिकृत कॉकपिट हस्तक्षेप जैसी स्थिति का संकेत देता है।

इसके बाद सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को ताबुक की तरफ मोड़ने के निर्देश दिए। करीब 10:57 बजे विमान ने सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की। घायल कैप्टन को अस्पताल ले जाया गया। हम्माम को हिरासत में ले लिया गया।

UAE में मिल सकती है फांसी की सजा

इजरायली मीडिया पोर्टलों के मुताबिक यूएई प्रशासन इस केस को बेहद गंभीर मान रहा है। हमामी पर सख्त आतंकवाद-विरोधी कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें उसे मौत की सजा मिलना लगभग तय है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और शिन बेट के अधिकारी भी यूएई पहुंचकर जांच में जुटे हैं।

इस मामले का एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या हमाम अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठन था। उपलब्ध रिपोर्टों में अभी तक किसी आतंकी संगठन या सरकार से उसके सीधे संबंध की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।

यूएई, इजरायल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। इजरायल की मोसाद और शिन बेट से जुड़े अधिकारियों के भी जांच में शामिल होने की खबरें हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि हम्माम के ओमान और ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान किसी कट्टरपंथी संगठन से संपर्क थे या नहीं।

ओमान और ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक हम्माम को उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोका गया था। हालांकि इन दावों की भी जांच की जा रही है। हमाम 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था।

बाद में 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया। ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के मुताबिक वीजा रद्द होने की वजह चरित्र संबंधी मामला नहीं, बल्कि उसके कोर्स से जुड़ी स्थिति थी।

फिलहाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हम्माम ने अकेले यह साजिश रची थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था। विमान को क्रैश कराने की कथित योजना, कैप्टन पर हमला, कॉकपिट कंट्रोल से छेड़छाड़ और संभावित इंजन कटऑफ जैसे सभी पहलुओं की जांच चल रही है। जब तक एजेंसियां अपनी जांच पूरी नहीं करतीं, तब तक आतंकी संगठन से उसके संबंध को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।