Female journalist mistreated at Jantar Mantar : जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी (एसीपी विवेक भगत) द्वारा कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। महिला का दावा है कि AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लेने के दौरान ACP विवेक भगत ने उसके सीने पर हाथ मारा और धक्का देकर वहां से भाग गया। इस घटना के बाद पत्रकारों ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की। इस पर दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है।
पढ़ें :- IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे केस में IIT प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से लंबी पूछताछ, 8 घंटे तक मुंबई क्राइम ब्रांच ने किए सवालरविवार को दिल्ली पुलिस की ओर से इस मामले में एक बयान जारी करके कहा गया कि 03-10-26 को नई दिल्ली इलाके में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान, कानून-व्यवस्था की स्थिति के बीच तीन महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली ज़िले को उनकी शिकायतें मिली हैं और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ निष्पक्ष जांच के लिए इन्हें कमला मार्केट स्थित क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। इससे पहले रात करीब 11 बजे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने महिला पत्रकार का वीडियो शेयर किया। वीडियो में पीड़िता कहती है कि वह साढ़े 3 घंटे से वहां बैठी हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की जा रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार देर रात एक्स पर कहा, “जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। घंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया। आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए। और ये पहली बार नहीं है – इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफसर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।”
जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने एक पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है।
पढ़ें :- SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन जारी.. सौरभ भारद्वाज समेत 500 से ज्यादा हिरासत में: शाम 4 बजे मुंबई में CJP करेगी प्रदर्शनघंटों से सैकड़ों पत्रकार सिर्फ़ इतनी माँग लेकर बैठे हैं कि FIR दर्ज कर ली जाए। ये तो पुलिस का बुनियादी काम है न? वो भी नहीं किया।
आज ही जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए। महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। कैमरे छीने गए, पत्रकार घसीटे गए।
और ये पहली बार नहीं है – इससे पहले भी हमने वीडियो सबूतों के साथ देखा है कि पुलिस के अफसर महिलाओं के साथ घिनौनी बदसलूकी करते हैं।
पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं – मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है।
और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है – वो आख़िर किसकी हिफ़ाज़त कर रही है?
पढ़ें :- दिल्ली पुलिस ने सौरभ भारद्वाज और आप कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर से जबरन हटाया, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कर रहे थे विरोध प्रदर्शनदिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहाँ हैं आप? जवाब आपको ही देना है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 3, 2026
उन्होंने आगे कहा, “पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं – मगर जिस पुलिस पर महिलाओं की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है, वही महिलाओं पर हाथ उठा रही है। और एक महिला की शिकायत दर्ज करने से जो सरकार डरती है – वो आख़िर किसकी हिफ़ाज़त कर रही है? दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह जी, कहाँ हैं आप? जवाब आपको ही देना है।”