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स्वर्णिम अंत से भारत एशियाड में चौथे स्थान पर पहुंचा, कुमकुम-प्रणवी ने रचा इतिहास | IBC24

October 3, 2026

(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)

नागोया, तीन अक्टूबर (भाषा) स्टार खिलाड़ियों से सजी क्रिकेट और हॉकी टीम ने उम्मीद के मुताबिक अपने खिताब बरकरार रखे, लेकिन 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहाद और गोल्फर प्रणवी उर्स ने अप्रत्याशित रूप से इतिहास रचते हुए भारत के लिए अंत में आई स्वर्णिम लहर में अहम योगदान दिया जिसने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में देश को सम्मानजनक चौथे स्थान पर पहुंचाया।

भारत हालांकि पिछले चरण में जीते गए 106 पदकों की बराबरी या उससे बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सका, लेकिन 85 पदकों की कुल संख्या भी काफी अच्छा प्रदर्शन है। हालांकि उम्मीद इससे बेहतर की थी, खासकर निशानेबाजों और बैडमिंटन खिलाड़ियों से। अंत में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक हासिल किए।

दिलचस्प रहा कि इन 21 स्वर्ण में से 11 पदक पिछले दो दिनों में आए और अंतिम स्थानों में अभी थोड़ा बदलाव हो सकता है क्योंकि रविवार को घुड़सवारी की कुछ प्रतियोगिताएं निर्धारित हैं जिनमें भारत का निकटतम प्रतिद्वंद्वी उज्बेकिस्तान (21 स्वर्ण, 25 रजत और 24 कांस्य से कुल 70 पदक) भी मुकाबले में है।

लेकिन शनिवार देश के लिए जश्न से भरा दिन रहा क्योंकि क्रिकेट और हॉकी के जाने-पहचाने सितारों ने शानदार प्रदर्शन किया।

श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली क्रिकेट टीम ने निशिन में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर 19 रन से जीत दर्ज की, वहीं हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में हॉकी खिलाड़ियों ने भी काकामिगाहारा में मलेशिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में 5-1 से जीत हासिल की।

हॉकी टीम इस स्वर्ण पदक ने 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई कर गई।

दिन के एक और स्वर्ण विजेता बेहद शांत स्वभाव वाले ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत रहे। उन्होंने 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत का फिर लोहा मनवाया।

लेकिन प्रणवी और कुमकुम दिन की सबसे खास स्टार रहीं।

कुमकुम व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बनीं जबकि प्रणवी ने गोल्फ में यह उपलब्धि हासिल की। दोनों ने दबाव के बीच शानदार संयम और आत्मविश्वास का परिचय दिया।

कुमकुम के लिए यह एशियाई खेलों में किसी सपने के पदार्पण से कम नहीं रहा। महाराष्ट्र की इस 17 वर्षीय तीरंदाज ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए ओलंपिक खेलों में व्यक्तिगत कोटा स्थान भी हासिल किया।

प्रणवी ने भी एक से अधिक पदक अपने नाम किए। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय महिला गोल्फ टीम ने रजत पदक जीता।

दिन का एक और रजत पदक पहलवान अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में जीता। वहीं रिकर्व तीरंदाज नीरज चौहान ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाले हमवतन धीरज बोम्मदेवरा को हराकर पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।

कंपाउंड टीम स्पर्धाओं के सभी स्वर्ण पदक जीतने और महिला टीम रिकर्व में पहली बार स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद कुमकुम के स्वर्ण पदक ने तीरंदाजी दल के लिए यह अभियान यादगार बना दिया।

कुमकुम ने दबाव में संयम के साथ खेलते हुए कोरिया की ओ येजिन को शूटआउट में 6-5 से हराया। स्कोर 5-5 से बराबर रहने के बाद कुमकुम ने शूटआउट में 10 स्कोर किया जबकि येजिन आठ ही स्कोर कर सकी ।

कुमकुम ने महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण भी अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ जीता था । इसके बाद धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिश्रित जोड़ी का रजत जीता ।

जीत के बाद जब तिरंगा लहराया और राष्ट्रगान बजा तो कुमकुम की आंखों में आंसू छलक गए ।

पुरुष तीरंदाज नीरज ने हमवतन शीर्ष वरीयता प्राप्त धीरज को 6-4 से हराकर कांस्य पदक जीता।

इसके साथ ही भारत ने तीरंदाजी में अपने अभियान का समापन पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य के साथ किया । पुरूष टीम वर्ग में धीरज और नीरज कल रजत पदक जीते थे ।

प्रणवी एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनी और टीम को भी रजत दिलाया ।

मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये ।

आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा ।

प्रणवी ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे कुछ उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बनना पसंद है । लोग आगे भी जीतेंगे लेकिन पहली बार जीतने वाला पहला ही होता है ।’’

प्रणवी, ओलंपियन अदिति अशोक ( आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता । भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया ।

भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरूष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था ।

यह 1982 दिल्ली एशियाई खेलों के बाद गोल्फ में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है । उस समय गोल्फ में लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत पुरूष स्वर्ण जीता था जबकि अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ टीम वर्ग में भी पीला तमगा हासिल किया था ।

अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के तूफानी अर्धशतकों की मदद से भारत ने हसन नवाज की आक्रामक पारी के बावजूद रोमांचक फाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर पुरुष क्रिकेट में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया।

दुनिया के नंबर एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक ने 28 गेंद पर 61 रन बनाए जिसमें तीन चौके और सात छक्के शामिल हैं। तिलक वर्मा ने आखिरी ओवरों में 22 गेंद पर नाबाद 51 रन की पारी खेली जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल हैं। उन्हें शिवम दुबे का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 15 गेंद पर 27 रन बनाए। इससे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी भारतीय टीम ने छह विकेट पर 211 रन का बड़ा स्कोर बनाया।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5 . 1 से हराकर पुरूष हॉकी स्पर्धा का स्वर्ण बरकरार रखा और 2028 ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया ।

इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था ।

यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है । पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की ।

कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे । मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया ।

हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे ।

अमन सहरावत ने एशियाड के अपने कांस्य को स्वर्ण पदक में बदल दिया जबकि महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला पहलवान बनने की अंतिम पंघाल की कोशिश को जापान की मेई मियोका के हाथों हार के साथ निराशा का सामना करना पड़ा।

भारत ने कुश्ती प्रतियोगिता में छह पदकों (दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य) के साथ अपना अभियान समाप्त किया। यह 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान से चूकने के बाद भारत के इस प्रतियोगिता में सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक रहा।

अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान को 10-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

यह कुश्ती में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक था। इससे पहले शुक्रवार को सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था।

भारत ने एशियाई खेलों में कुश्ती के दो स्वर्ण पदक 2018 के जकार्ता खेलों के बाद पहली बार जीते हैं। जकार्ता में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए थे।

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द

Web Title: स्वर्णिम अंत से भारत एशियाड में चौथे स्थान पर पहुंचा, कुमकुम-प्रणवी ने रचा इतिहास