नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता पहली बार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठा रहे हैं।
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उनके अनुसार, कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद से अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। मरांडी ने कहा कि कभी EVM, कभी राफेल और अब ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुद्दे बदलते रहे हैं, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस आधार और प्रमाण नहीं दिये गये हैं। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है।
चुनाव आयोग की सफाई का किया उल्लेख
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हाल में एक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त समेत चुनाव आयोग के अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
मरांडी के अनुसार, चुनाव आयोग ने बताया कि संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। उन्होंने इसी संदर्भ में कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े संस्थानों और प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

कांग्रेस पर अराजकता का माहौल बनाने का आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने और केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख और समझ रही है।
विदेश नीति के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस के बयान कभी पाकिस्तान तो कभी चीन के हितों के अनुरूप होते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के राजनीतिक रवैये का जवाब देगी।
हालांकि, चुनाव प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों तथा भाजपा की ओर से की गयी आलोचनाओं पर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और उनके जवाब को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने और केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति से तूल पकड़ा है मामला
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए और कुछ कदमों को उन्होंने ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया।
इसके बाद से देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है और प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात रख रही है। बाबूलाल मरांडी के प्रेस कांफ्रेंस की खबर के बाद जानिए क्या है चुनाव आयुक्तों की आपत्ति…

